मणिपुर उच्च न्यायालय ने मंत्री ओकराम हेनरी को अयोग्य घोषित किया

Manipur High Court disqualified Minister Okram Henry
Manipur High Court Minister Okram Henry disqualified

इंफाल। मणिपुर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को वांगखेई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एवं समाज कल्याण मंत्री ओकराम हेनरी के चुनाव को खारिज करते हुए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।

न्यायमूर्ति एम. वी. मुरलीधरन ने घोषणा की कि याचिकाकर्ता युमखम एराबोट सिंह विधिवत रूप से 15-वांग्खी विधानसभा क्षेत्र के सदस्य के रूप में चुन लिये गए हैं।

हेनरी ने 2012 और 2017 के चुनावों में प्रस्तुत किए गए हलफनामे के दौरान अलग-अलग शैक्षिक योग्यताओं का विवरण दिया था। उन्होंने 2012 में अपनी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता पंजाब विश्वविद्यालय से कला में स्नातक बतायी थी जबकि 2017 के चुनावों में मणिपुर पब्लिक स्कूल, सीबीएसई से कक्षा बारहवीं तक की पढ़ाई की जानकारी दी।

याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए अदालत का रुख भी किया था कि हेनरी ने हलफनामे में एक आपराधिक मामले और ड्रग मामले की पूरी जानकारी नहीं दी है।

हेनरी ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और 16,753 वोट हासिल किए, जबकि भारतीय जनता पार्टी के याचिकाकर्ता युमखाम इरबोट सिंह को 12,417 और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार राजकुमार प्रियब्रत को 149 वोट मिले।

हेनरी ने बाद में इस्तीफा दे दिया और 24 सितंबर, 2020 को एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में समाज कल्याण मंत्री के रूप में शामिल हो गए।

चुनाव के दौरान दायर हलफनामों में गलत जानकारी देने के कारण अयोग्य घोषित होने वाले कांग्रेस के यह दूसरे विधायक हैं। इससे पहले काचिंग के वाई वाई सुरचंद्र को अयोग्य घोषित किया गया और भाजपा के उम्मीदवार एम. रामेश्वर को विजेता घोषित किया गया। सुरचंद्र भी चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे।