माउंटआबू के कई बाजार कोरोना के कारण पांच महीने से बंद

माउंटआबू। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर अभी रोक जारी रहने से राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंटआबू में कई बाजार पिछले पांच महीनों से बंद पड़े हैं।

लॉकडाउन के खुलने के बाद देश में बाजार खुले और लोगों का आवागमन बढ़ गया लेकिन इस कारण पर्यटन स्थल माउंटआबू के कई बाजारों में स्थित प्रतिष्ठानों के आज भी ताले नहीं खुले।

देलवाड़ा मार्केट के रघुनाथ सिंह काबा के अनुसार गत 21 मार्च को अंतिम बार मार्केट खुला था उसी दिन शाम को मार्केट की दुकानों पर संचालकों ने जो ताले लगाये थे। पांच महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक वे ताले खुले नहीं हैं।

जिससे तालों पर भारी जंग लग चुकी है। देलवाडा मार्केट व्यवसाई उम्मेद सिंह गेहलोत, दिनकर भोजक, शैतान सिंह परमार समेत दर्जन भर व्यवसाईयों ने भी यही दास्तान सुनाई।

इसी तरह अधरदेवी स्थित दीनदयाल उपाध्याय मार्केट के माधोराम देवासी, नवीन डिसूजा, अचलगढ़ मार्केट के प्रकाश हीरागर, फतेह मोहम्मद समेत कई व्यवसाईयों ने बताया कि लॉकडाउन शुरु होते ही मार्केट बंद हो गए थे। आज तक व्यवसाईयों को अपने प्रतिष्ठान खोलने की प्रतीक्षा है।

व्यवसाईयों के अनुसार अप्रैल, मई, जून, जुलाई से अगस्त के मध्य माउंटआबू के लिए सर्वाधिक पर्यटकों की आवक का सीजन होता है। दीवाली जैसे अपवाद को छोडक़र इसी अवधि में पूरे साल पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को सर्वाधिक आय अर्जित करने का अवसर प्राप्त होता है। लेकिन कोरोना की वजह से दर्शनीय एवं आस्थास्थल पूर्ण रूप से पिछले पांच महीने से अधिक समय से बंद होने पर वहां के व्यवसाईयों का कारोबार चौपट हो गया है।

हमेशा हर मौसम में आबाद रहने वाली पर्यटन नगरी के दर्शनीयस्थलों के बाजार सूने पड़े हैं। वीरानगी का आलम ऐसा है कि हमेशा पर्यटकों की चहलकदमी से आबाद रहने वाल अधरदेवी, देलवाड़ा, अचलगढ़, पीसपार्क, शंकरमठ, ओम शान्ति भवन समेत विभिन्न दर्शनीय एवं आस्थास्थल, क्षेत्र के बाजार सूनसान पड़े हुए हैं। इस क्षेत्र के व्यवसाईयों की मानें तो गत पांच महीनों से अधिक समय से उनके दुकानों के ताले नहीं खुले हैं। ग्राहकों से मिलने वाली मुद्रा देखने को वे तरस गए हैं।

अचलगढ़ निवासी किशन कुमार ईनाणी के अनुसार पर्यटकों का आवागमन बंद होने से जहां क्षेत्र के व्यवसाईयों के आय के स्रोत बंद पडे हैं जिससे वे पहले से ही चिंतित हैं वहीं आए दिन, दिन में ही पेंथर एवं भालूओं का विचरण करना भी आम बात हो गई है।

कोरोना के चलते धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बंद होने के कारण माउंटआबू में पर्यटकों की आवाजाही नहीं होने से इससे संबंधित सभी बाजार भी बंद पड़े हैं।