एक श्रद्धालु के बेहोश होकर गिरने से मची थी बांके बिहारी मंदिर में भगदड़

मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा स्थित वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में शुक्रवार को जन्माष्टमी की रात में मंगला आरती के समय भारी भीड़ जुटने के कारण दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक माैत होने के दौरान मंदिर में भगदड़ भी मची थी जिसकी वजह से कुछ श्रद्धालु घायल हुए।

शनिवार को तड़के लगभग दो बजे हुए इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना के दो प्रमुख कारण बताए हैं। इनमें पहला कारण, मंदिर प्रांगण में अचानक श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ का जुटना रहा। इस वजह से लोगों को दम घुटने की शिकायत हुई। दूसरा कारण, निकास द्वार पर एक श्रद्धालु का बेहोश होकर गिर जाना भी है, जिस कारण भगदड़ मच गई।

बांके बिहारी मन्दिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि यह दर्दनाक घटना दम घुटने और भगदड़ मचने से हुई है। उन्होंने बताया कि मंदिर के निकास द्वार पर एक व्यक्ति किसी कारण से बेहोश होकर गिर गया था। भीड़ का दबाव अधिक था, इसलिए उसके पीछे कई लोग गिरते चले गए तथा निकास द्वार पूरी तरह से बाधित हो गया।

शर्मा ने बताया कि इसी समय पुलिस वहां पहुंची और उसने घेरा बनाया तथा सभी गेट कुछ क्षण के लिए बन्द कर दिए गए। इससे लोगों का दम घुटने लगा। साथ ही उसी समय मची भगदड़ में कुछ लोग दब जाने से घायल होे गए। घायलों को बाद में स्थानीय रामकृष्ण मिशन अस्पताल और सौ शइया अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। इस दौरान इलाज मिलने से पहले ही दो श्रद्धालुओं ने दम तोड़ दिया।

आगरा मण्डल के आयुक्त अमित गुप्ता और एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने घटना के बाद न केवल मंदिर का दौरा किया, बल्कि सभी घायलों से मिलकर उनका हाल चाल लेने के बाद चिकित्सकों को उन्हें बेहतर इलाज देने का निर्देश दिया। मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि सात घायलों में से पांच ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, दो अन्य का इलाज अभी भी चल रहा है।

जिलाधिकारी चहल ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ मिलकर रात एक बजे भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया था, किंतु अचानक जबर्दस्त भीड़ बढ़ने और निकास द्वार गेट नम्बर एक पर एक व्यक्ति के गिरने के बाद उसे उठाने के दौरान निकास कुछ समय के लिए बाधित हो गया था, जिससे कुछ लोग गिर गए थे।

उधर, नाम उजागर न करने की शर्त पर कुछ गोस्वामियों एवं पुलिसकर्मियों ने बताया कि मन्दिर के सभी दरवाजों से एक साथ श्रद्धालुओं को प्रवेश देने के कारण यह घटना घटी है। मन्दिर के राजभेाग सेवायत आचार्य ज्ञानेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि घटना के समय मन्दिर में मौजूद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के आदेश के बाद जिस प्रकार पुलिसकर्मियों एवं मन्दिर के गोस्वामियों ने इस घटना पर काबू पाया, उसके कारण ही बड़ा हादसा होने से बच गया।

मंदिर के सेवायत एडवोकेट गौरव गोस्वामी का कहना था कि मंगला आरती के समय तीर्थयात्रियों का अचानक भारी संख्या में आने के कारण यह घटना हुई। इस दौरान जो जहां था, वह वहीं रूक गया, इस वजह से बहुत अधिक भगदड़ नहीं मच पाई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।