जवाहरबाग कांड में बचाव पक्ष के वकील ने रामवृक्ष के जिंदा होने की संभवना जताई

मथुरा। मथुरा के जवाहरबाग कांड मामले में आरोपियों के वकील एलके गौतम ने मुख्य आरोपी रामवृक्ष के जिन्दा होने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि वह अदालत में प्रार्थनापत्र देकर उसकी डीएनए रिपोर्ट को प्रस्तुत करने का आदेश विपक्षी पार्टी को देने का अनुरोध करेंगे।

मथुरा जवाहरबाग कांड के आरोपियों के अधिवक्ता गौतम ने आज पत्रकारों से बातचीत में यह दावा इस आधार पर किया कि इस मामले में लम्बा समय बीत जाने के बावजूद जांच एजेंसी सीबीआई अदालत में रामवृक्ष की डीएनए रिपोर्ट अभी तक पेश नहीं कर पाई है।

इससे रामवृक्ष के जिंदा होने की संभावना को बल मिलता है। अधिवक्ता गौतम का कहना था वे अदालत में प्रार्थनापत्र देकर रामवृ्क्ष की डीएनए रिपोर्ट को प्रस्तुत करने का आदेश विपक्षी पार्टी को देने के लिए अनुरोध भी करेंगे।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार ने उस समय जांच प्रदेश के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को दी थी लेकिन बाद में जांच को दूसरे वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया गया था। बाद में जवाहरकांड की जांच सीबीआई से कराने के आदेश हुए थे।

गौरतलब है कि दो जून 2016 को जवाहर बाग हिंसा ने उस समय विकराल रूप ले लिया था जब कि वहां रैकी करने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को रामवृक्ष के गुर्गों ने घेरकर मार दिया था। बाद में उन लोगों ने फरह के तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष यादव को भी गोली मार दी थी, जिससे उनकी भी मृत्यु हो गई थी। पुलिस के मोर्चा संभालने के बाद जवाहर बाग खाली तो हो गया था लेकिन इस घटना में मुख्य आरोपी रामवृक्ष समेत 27 समर्थकों और दो पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी।

जवाहरबाग कांड के आरोपियों के अधिवक्ता एल के गौतम ने बताया कि इस कांड में शामिल 102 आरोपियों में से चार की मृत्यु हो चुकी है तथा 98 की जमानत हो चुकी है। मुख्य आरोपी रामवृक्ष के दो लड़के और एक लड़की है अगर आरोपियों के अधिवक्ता का रामवृक्ष के जिंदा रहने का दावा सही निकलता है तो केस में नया मोड आ सकता है।