कांग्रेस ने आयोग को सौंपा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ और मध्य प्रदेश के संदर्भ में ज्ञापन

नयी दिल्ली । कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नियमों के उल्लंघन, छत्तीसगढ तथा मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों के रखखराव और उनकी सुरक्षा को लेकर शनिवार को चुनाव आयोग को सुझाव दिए और ज्ञापन सौंपे।

आयोग को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के सहारानपुर में मतदाता सूची में नाम हटाने के अधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा है और चुन चुन एक समुदाय विशेष तथा ऐसे अन्य लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं जिनमें उन्हें लगता है कि उनके वोट उन्हें नहीं मिलेंगे। आयोग से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लाने का आग्रह किया गया है।

उन्होंने इस संबंध में सहारनपुर के 44 नम्बर बूथ का उदाहरण दिया और कहा कि वहां 100 में से 98 मतदाता सूची गलत पायी गयी। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितताओं को रोका नहीं गया तो अकेले सहारनपुर में 16000 और पूरे उत्तर प्रदेश में 67 लाख नामों पर इसका असर पड़ेगा।

कांग्रेस के छत्तीसगढ के प्रभारी पी एल पुनिया ने कहा कि जहां मतदान मशीनों का रखा गया है उनकी सुरक्षा बढायी जानी चाहिए और अनधिकृत व्यक्तियों को वहां जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग सीसीटीवी कैमरा ठीक करने के बहाने वहां जा रहें और घंटों लैपटॉप तथा मोबाइल फोन के साथ वहां रहते हैं इसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ईवीएम तथा चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई और सुझाव भी आयोग को सौंपे हैं।

पार्टी के विधि विभाग के प्रमुख विवेक तंखा ने कहा कई बूथों पर जिला अधिकारी मतगणना के समय मोबाइल लेकर जाते हैं जबकि उन्हें इसकी इजाजत नहीं है। उन्होंने सागर का मुद्दा भी उठाया और कहा कि वहां मतदान के 48 घंटे बाद मतदान पेटी स्ट्रांग रूम तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर आयोग को संज्ञान लेना चाहिए।