माहवारी पर चर्चा से महिला, पुरुष दोनों हिचकते हैं : राधिका आप्टे

Menstruation taboos exist among both genders, says Radhika Apte
Menstruation taboos exist among both genders, says Radhika Apte

मुंबई। अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘पैड मैन’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री राधिका आप्टे का कहना है कि माहवारी को लेकर संकोच न सिर्फ पुरुषों के बीच मौजूद है, बल्कि महिलाओं के बीच भी है, जिन्हें ऐसे माहौल में रहने को मजबूर होना पड़ा, जिससे वे सालों तक इस पर खुलकर बात नहीं कर सकीं।

फिल्म ‘पैडमैन’ की कहानी वास्तविक जीवन के एक नायक पर आधारित है, जो माहवारी स्वच्छता ते मुद्दे पर जागरूकता लाने का प्रयास करता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या इस फिल्म से समाज में कोई बदलाव आएगा तो राधिका ने बताया कि मुझे लगता है कि माहवारी को लेकर शर्म व हिचक न सिर्फ पुरुषों के बीच मौजूद है बल्कि महिलाओं के बीच भी है। ऐसा सालों से हो रहा है। यहां तक कि महिलाएं भी इस पर खुलकर बात करने में असहज महसूस करती हैं।

उन्होंने कहा कि मां अपनी बेटियों को इस बारे में खुलकर बात नहीं करना सिखाती हैं। रसोई में, मंदिर में जाने से मना करती हैं, तो यह सिर्फ पुरुषों के बीच ही नहीं, महिलाओं के बीच भी मौजूद है।

‘पैडमैन’ शुक्रवार को रिलीज हो रही है, जो अरुणाचलम मुरुगनाथम की कहानी पर आधारित है, जो कम लागत में सैनिटरी पैड बनाने वाली मशीन लाकर एक नई क्रांति लेकर आए। बतौर कलाकार राधिका को दिल को छू लेने वाली इस कहानी का हिस्सा बनने पर गर्व है।

यह पूछे जाने पर कि हर फिल्म में अपने किरदार की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करना उनके लिए थकाने वाला हो जाता है तो राधिका ने कहा कि मैं जिस किरदार को निभा रही हूं, उसके लिए मुझे कड़ी मेहनत करना पसंद है। मैं अपने होमवर्क करने की प्रक्रिया का आनंद लेती हूं। यह मेरे लिए थकाने वाला नहीं, बल्कि सिखाने वाला प्रक्रिया है। एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी ऊंचाई है।

राधिका से जब पूछा गया कि उन्हें वेब सीरीज और फिल्म की शूटिंग में कोई फर्क मालूम पड़ता है? तो उन्होंने कहा कि सेट पर शूटिंग के दौरान उन्हें वेब सीरीज और फिल्म में कोई फर्क नहीं दिखाई देता। यह बस इतना है कि फिल्मों की अपेक्षा वेब सीरीज में कुछ दिन और लगते हैं।