देश की जनता का पैसा देश की जनता की जान बचाने के लिए खर्च करे मोदी सरकार : लोढ़ा

सिरोही में जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा
सिरोही में जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते सिरोही विधायक संयम लोढ़ा

सिरोही। प्रतिदिन 1 करोड वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने व भारत के हर नागरिकों को यूनिवर्सल मुफ्त वैक्सीनेशन दिलवाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर सिरोही कलक्टर के माध्यम से विधायक संयम लोढा के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।

विधायक संयम लोढा ने कहां कि यह इतिहास में पहली हुआ है देश की मोदी सरकार जनता का ही पैसा, जनता की जान बचाने के लिए खर्च करने से इंकार कर रही है। लोढा ने कहा कि कोविड-19 ने लगभग हर भारतीय परिवार को अप्रत्याशित तबाही एवं असीम पीड़ा दी है।

दुख की बात है कि मोदी सरकार ने कोरोना से लडऩे की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। सच्चाई यह है कि केंद्र की भाजपा सरकार कोविड-19 के अपराधिक कुप्रबंधन की दोषी है। उग्र कोविड-19 महामारी के बीच वैक्सीनेशन ही एकमात्र सुरक्षा है। मोदी सरकार की वैक्सीनेशन की रणनीति भारी भूलों की एक खतरनाक कॉकटेल है।

भाजपा सरकार ने ‘वैक्सीनेशन की योजना’ बनाने का अपना कर्तव्य ही भुला दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार निंदनीय रूप से ‘वैक्सीन की खरीद’ से बेखबर रही। केंद्र सरकार ने जानबूझकर एक ‘डिजिटल डिवाईड’ पैदा किया, जिससे वैक्सीनेशन की प्रक्रिया धीमी हो गई।

केंद्र सरकार ने ‘विभिन्न कीमतों के स्लैब’ बनाने में जानबूझकर मिलीभगत की, यानि एक ही वैक्सीन के लिए अलग अलग कीमतें तय कीं, ताकि आम आदमी से आपदा में लूट की जा सके।
जहां अन्य देशों ने मई 2020 से वैक्सीन खरीदने के ऑर्डर देने शुरू कर दिए थे, वहीं मोदी सरकार ने भारत को इसमें विफल कर दिया। केंद्र सरकार ने वैक्सीन का पहला ऑर्डर जनवरी 2021 में जाकर दिया।

विधायक संयम लोढा ने कहा कि मोदी सरकार राज्य सरकारों ने 140 करोड़ की जनसंख्या के लिए आज तक केवल 39 करोड़ वैक्सीन खुराकों का ऑर्डर दिया है। भारत सरकार के आंकड़े के अनुसार, 31 मई, 2021 तक केवल 21.31 करोड़ वैक्सीन ही लगाई गईं लेकिन वैक्सीन की दोनों खुराकें केवल 4.45 करोड़ भारतीयों को ही मिली हैं, जो भारत की आबादी का केवल 3.17 प्रतिशत है।

पिछले 134 दिनों में, वैक्सीनेशन की औसत गति लगभग 16 लाख खुराक प्रतिदिन है। इस गति से, देश की पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीन लगाने में तीन साल से ज्यादा समय लग जाएगा। यदि ऐसे ही चलता रहा, तो हम देश के नागरिकों को कोरोना की तीसरी लहर से कैसे बचा पाएंगे, इस सवाल का जवाब मोदी सरकार को देना होगा। इस विकराल महामारी के बीच हमारे देश के नागरिक कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार वैक्सीन का निर्यात करने में व्यस्त है।

लोढ़ा ने सौपे ज्ञापन में बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार आज तक वैक्सीन की 6.63 खुराक दूसरे देशों को निर्यात कर चुकी है। यह देश के लिए सबसे बड़ा नुकसान है। मोदी सरकार द्वारा वैक्सीन के लिए तय की गई अलग अलग कीमतें लोगों की पीड़ा से मुनाफाखोरी का एक और उदाहरण हैं।

सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड की एक खुराक की कीमत मोदी सरकार के लिए 150 रु., राज्य सरकारों के लिए 300 रु. और निजी अस्पतालों के लिए 600 रु. है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की एक खुराक की कीमत मोदी सरकार के लिए 150 रु., राज्य सरकारों के लिए 600 रुपए और निजी अस्पतालों के लिए 1,200 रुपए है। निजी अस्पताल एक खुराक के लिए 1500 रुपए तक वसूल रहे हैं।

दो खुराकों की पूरी कीमत की गणना इसी के अनुसार होगी। मोदी सरकार द्वारा एक ही वैक्सीन की तीन अलग अलग कीमतें तय करना लोगों की पीड़ा से मुनाफाखोरी कमाने का नुस्खा है।

लोढा ने बताया कि आज जरूरत है कि केंद्र सरकार वैक्सीन खरीदे और राज्यों एवं निजी अस्पतालों को निशुल्क वितरित करे, ताकि वह भारत के नागरिकों को मुफ्त लगाई जा सके। इससे कम कोई भी काम भारत एवं भारत के नागरिकों का बड़ा नुकसान है।

साथ ही हमें 31 दिसंबर 2021 तक या उससे पहले 18 साल से अधिक आयु की पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीन लगाने का काम पूरा करने की जरूरत है। देश के नागरिकों का बचाव करने का यही एकमात्र रास्ता है। इसका एकमात्र उपाय है कि एक दिन में कम से कम एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जाए, न कि एक दिन में औसतन 16 लाख लोगों को।

ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति ने निवेदन किया है कि वे मोदी सरकार को दिन मे एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाए जाने एवं यूनिवर्सल मुफ्त वैक्सीनेशन का निर्देश दें। कोविड-19 महामारी से लड़ाई एवं इस बीमारी को हराए जाने का यही एकमात्र रास्ता है। हर भारतीय को कोरोना से जीत दिलाने का भी यही एकमात्र रास्ता है।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव निंबाराम गरासिया, सभापति नगर परिषद सिरोही महेंद्र भाई मेवाड़ा, अध्यक्ष नगर पालिका शिवगंज वजिंगराम घांची, ब्लॉक अध्यक्ष सिरोही किशोर पुरोहित, बलॉक अध्यक्ष शिवगंज हरीश मेघवाल, ब्लॉक अध्यक्ष पिण्डवाड़ा प्रेमाराम देवासी, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस हेमलता शर्मा, जिला अध्यक्ष एनएसयूआई सुरेश सिंह राव, सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी हरीश चौधरी, सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी संध्या चौधरी, अध्यक्ष युवा कांग्रेस विधानसभा सिरोही प्रकाशराज मीणा, उपसभापति जितेंद्र सिंघी, पूर्व सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी हिम्मत सुथार मौजूद थे।

ज्ञापन देने वालों में पूर्व सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अश्विन गर्ग, पूर्व जिला प्रमुख अनाराम बोराणा, पूर्व प्रधान शिवगंज अचलाराम माली, पूर्व प्रधान शिवगंज हंजादेवी मेघवाल, पूर्व उप प्रधान मोती सिंह देवड़ा, जिला कांग्रेस महासचिव तेजाराम मेघवाल, पूर्व उप प्रधान शिवगंज मगनजी मीणा, उप प्रधान शिवगंज  मोटाराम देवासी, पूर्व उप प्रधान राज भाई रावल, जितेन्द्र एरण पार्षद, मुख्तियार खान, सिराज मेमन भी शामिल थे।