मोदी सरकार के काम से कांग्रेस को हो रहा है असहनीय कष्ट : गुनाबचंद कटारिया

जयपुर। राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मोदी सरकार के छह वर्षों को असहनीय कष्टों के लिए याद किए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि इन वर्षों में जो जनहित, स्वच्छता, आतंकवाद पर काबू, कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने एवं दुनिया में भारत को सम्मान दिलाने तथा वर्तमान में वैश्विक महामारी के समय बीस लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज देने के काम करने से कांग्रेस को असहनीय कष्ट हो रहा है।

कटारिया ने आज कहा कि मोदी सरकार से पूर्व कांग्रेस शासन में केन्द्र सरकार से जो पैसा आता था, वह नगद में बंटता था। अब चाहे मनरेगा की मजदूरी हो, फसल खराबे का पैसा हो, वृद्धावस्था पेंषन हो या अन्य कोई राशि, वह अब सीधे ही लोगों के बैंक खातों में जाती है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत-गांव एवं शहर की गली, मौहल्लों की सफाई होने के कारण में देश में स्वच्छता बढी। पहले कश्मीर में सेना के हजारों सैनिक पत्थरबाजों और आतंकवादियों के कारण शहीद हो जाते थे। अब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन पर पूर्णतः काबू पा लिया है।

उन्होंने कहा कि आज देश एवं दुनिया में प्रधानमंत्री एवं भारत को जो सम्मान मिला, उससे देश के भारतवासियों का सीना गर्व से फूल जाता है। वर्षों तक हिन्दुस्तान की फौज वन रेंक-वन पेंशन की मांग उठाती रही। इसकी पूर्ति मोदी ने की। मोदी सरकार के आने के बाद एक भी भ्रष्टाचार का आरोप सरकार या उसमें काम करने वाले किसी भी मंत्री या राजनेता पर नहीं लगा। न कोई भ्रष्टाचार करने के कारण जेल गया।

केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने के कारण व्यापार में लालफीताशाही पर अंकुश लगा और जीएसटी के कारण ही देश एवं राज्य के खजाने में आमदनी बढी तथा कर देने वाले लोगों में करोडों की संख्या का इजाफा हुआ। मोदी के दूसरा कार्यकाल में राम मंदिर की समस्या का समाधान होकर मंदिर के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 एवं 35ए हट जाने के कारण कश्मीर में कुछ ही परिवार केन्द्र सरकार के पैसे का अपने परिवार के लिये ही उपयोग कर रहे थे, अब उसका सीधा लाभ वहां की गरीब, साधारण जनता, अनुसूचित जाति आदि के व्यक्तियों को मिल रहा है। कश्मीर में ये हटाए जाने पर किसी भी प्रकार की हिंसा एवं जनहानि नहीं हुई।

कोरोना आने से आर्थिक मोर्चे पर पहले भारत विश्व की चौथी या तीसरी महाशक्ति बनने जा रहा था। पांच मिलियन करोड की अर्थव्यवस्था तीसरा या चौथा स्थान दिला रही थी। कटारिया ने कहा कि कोरोना की इस महामारी के समय देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीस लाख करोड के आर्थिक पैकेज से व्यापारी, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग, किसान, थडी व्यापारी, खोमचे वाले आदि को अपने पैरों पर खडे करने के लिए जो ऐतिहासिक पैकेज दिया वह उन्हें सीधा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन कारणों से कांग्रेस को असहनीय कष्ट हो रहा है।