कई बार किस्मत से मिलते हैं विकेट: शमी

Mohamed Shami says in Wickets meet luck many times
Mohamed Shami says in Wickets meet luck many times

लंदन । भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने कहा है कि इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को परेशान करने के बावजूद विकेट नहीं निकाल पाना काफी निराशाजनक रहा लेकिन कई बार विकेट भी किस्मत से मिलते हैं।

इंग्लैंड ने दूसरी पारी में आठ विकेट पर 423 रन बनाने के बाद पारी घोषित कर दी थी और भारत के सामने जीत के लिये 464 का बड़ा लक्ष्य रखते हुये मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। मैच में जहां भारतीय बल्लेबाज़ों ने निराश किया वहीं गेंदबाज़ भी खास कमाल नहीं कर सके हैं और शमी ने पहली पारी में 72 रन पर कोई विकेट नहीं लिया जबकि इंग्लैंड की दूसरी पारी में 110 रन देकर वह दो ही विकेट ले सके।

ओवल मैदान पर खेले जा रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट के चौथे दिन के खेल की समाप्ति के बाद शमी ने कहा कि गेंदबाज़ों ने काफी आक्रामकता के साथ गेंदबाजी की थी लेकिन उन्हें विकेट नहीं मिल सके। तेज़ गेंदबाज़ों में शमी के साथ इशांत शर्मा ने गेंदबाजी आक्रमण का जिम्मा संभाला जबकि तेज़ गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को इस मैच में शामिल नहीं किया गया है।

ऐसे में शमी को अधिक ओवर मैच में गेंदबाजी करनी पड़ी। उन्होंने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 25 ओवर तक गेंदबाजी की। शमी ने कहा,“ यह कई बार किस्मत पर निर्भर करता है। एक गेंदबाज़ के तौर पर आप हमेशा सही दिशा में गेंदबाजी करना चाहते हो, खासकर नयी गेंद के साथ। लेकिन विकेट मिलना किस्मत पर भी निर्भर करता है, हालांकि विकेट नहीं निकाल पाना बहुत ही परेशान करता है।”

उन्होंने कहा,“हमारी गेंदों ने कई बार इंग्लिश बल्लेबाज़ों को परेशान किया लेकिन विकेट नहीं मिले और हमें इस बात काे स्वीकार करना होगा। कई बार जब आपके पास एक गेंदबाज़ कम हेाता है तो इस तरह की परिस्थतियों में यह मुश्किल भरा होता है क्योंकि यह पिच तेज़ गेंदबाज़ों के लिये मददगार है।”

तेज़ गेंदबाज़ ने कहा,“ एक तेज़ गेंदबाज़ की कमी से मौजूदा गेंदबाज़ पर भार भी बढ़ जाता है और उसे अधिक ओवर खेलना पड़ता है। यह काेई गंभीर बात नहीं है, ऐसा कई बार होता है और कई बार हम फील्ड छोड़कर चले जाते हें क्योंकि इससे चोट का खतरा कम होता है। हमारे गेंदबाजी विभाग में इस बात की अच्छी समझ है।”

बंगाल के खिलाड़ी ने विकेट नहीं मिलने के बावजूद अपनी गेंदबाज़ी में सुधार की बात कही और इसे 2014 के इंग्लैंड दौरे से बेहतर बताया। उन्होंने कहा,“ मैंने काफी सीखा है, जब मैं आखिरी बार 2014 में यहां आया था उसके बाद से मेरे खेल में सुधार हुआ है। पहले मुझे उतना अनुभव नहीं था लेकिन इस बार मैंने जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के वीडियो देखे हैं और उनके खेल को समझने की कोशिश की है।”

शमी ने दौरे में कुल 10 विकेट निकाले जिसमें से पांचवें टेस्ट में उन्होंने दो विकेट लिये हैं। ओवल टेस्ट में इंग्लिश टीम बढ़त बनाकर लगभग जीत के करीब पहुंच गयी है। यह इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कुक का आखिरी मैच भी है। भारत पांच टेस्टों की सीरीज़ में पहले ही 3-1 से पिछड़कर सीरीज़ गंवा चुकी है।