लॉर्ड्स के हीरो मोहम्मद कैफ ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास

Mohammad Kaif announces retirement from competitive cricket
Mohammad Kaif announces retirement from competitive cricket

नई दिल्ली। 13 जुलाई 2002 को नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के हीरो रहे क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी।

राष्ट्रीय टीम की ओर से अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के 12 वर्ष बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज़ कैफ ने ट्वीटर पर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि मैंने जब क्रिकेट खेलना शुरू किया तब मेरा सपना केवल भारत के लिए खेलना था।

मैं बहुत भाग्यशाली रहा कि मैंने जीवन के 190 दिनों तक मैदान पर खेलते हुए अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। आज का दिन मेरे संन्यास का है जब मैं सभी प्रारूपों को अलविदा कह रहा हूं। सभी का धन्यवाद।

37 साल के कैफ ने भारत के लिए करियर के दौरान 13 टेस्ट और 125 वनडे खेले। कैफ को हमेशा वर्ष 2002 में लार्ड्स में खेली गई नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में 87 रन की मैच विजयी पारी के लिए याद किया जाएगा। वह नवंबर 2006 में वह आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय जर्सी में खेले थे।

भारतीय टीम में मध्य क्रम के बल्लेबाज होने के अलावा कैफ अपनी शानदार फील्डिंग के लिए भी जाने जाते रहे हैं। कैफ ने 2002 में कानपुर में इंग्लैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से 125 वनडे मैच खेले और 2753 रन बनाए। इसमें 2 शतक और 17 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने टीम की ओर से 13 टेस्ट मैचों में 624 रन बनाए।

पूर्व क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना और सचिव अमिताभ चौधरी को संबोधित करते हुये पत्र में लिखा कि मैं इस दिन सभी प्रथम श्रेणी क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर रहा हूं। मैं 13 जुलाई को खास वजह से ऐसा कर रहा हूं। हमारे जीवन का हर दिन अहम होता है और 16 वर्ष पहले मैंने 13 जुलाई 2002 को ही नेटवेस्ट सीरीज़ फाइनल में टीम को खिताबी जीत दिलाई थी।

उल्लेखनीय है कि कैफ ने 13 जुलाई साल 2002 में अपने करियर की सबसे शानदार पारी खेली थी जिसकी यादें आज भी ताजा हैं। इस मैच में टीम इंडिया को 325 रन का लक्ष्य मिला था। 121 रनों पर भारत के 6 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद कैफ ने युवराज सिंह के साथ जो पारी खेली वह एक इतिहास है। उन्होंने 87 रन की नाबाद पारी खेली जो आज भी दवाब के पलों में खेली गई सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक मानी जाती है।

उन्होंने लिखा कि मेरे लिए लार्ड्स की यह पारी अहम थी और इसलिये मैंने इसी दिन को विदाई के लिये चुना है। कैफ को उनके करियर के दौरान सबसे फिट खिलाड़ी माना जाता था। उन्होंने 129 प्रथम श्रेणी मैचों में 7581 रन बनाए जिसमें 15 शतक शामिल हैं। कैफ फिलहाल हिंदी कमेंट्री कर रहे हैं लेकिन उन्हें हमेशा कमाल के फील्डर के रूप में जाना जाएगा।