फर्जी पासपोर्ट : मोनिका बेदी मामले में सरकार को मिली अंतिम मोहलत

जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने आज सिने तारिका व अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की महिला मित्र मोनिका बेदी के फर्जी पासपोर्ट संबंधी मामले में बहस के लिए सरकार को अंतिम अवसर प्रदान किया है।

सरकार की तरफ से पेश की गयी पुनरीक्षण याचिका पर हाईकोर्ट न्यायाधीश व्हीपीएस चौहान की एकलपीठ ने अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को निर्धारित की है।

भोपाल के कोहेफिजा थाने में पुलिस ने अंडर वर्ल्ड सरगना अबू सलेम, मोनिका बेदी सहित अन्य के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट मामलें में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।

प्रकरण की सुनवाई करते हुए भोपाल जिला न्यायालय के सीजेएम ने साल 2007 में मोनिका बेदी को सबूतों के आभाव में दोष मुक्त करार दिया था। जिसे संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मामलें से संबंधित रिकॉर्ड तलब करते हुए प्रकरण की सुनवाई के निर्देश दिये थे। राज्य शासन ने भी हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।

याचिका पर आज हुई सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया कि निचली अदालत से आज ही रिकाॅर्ड आया है। सरकार की तरफ से प्रकरण के अध्ययन के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है सरकार ने पहली बार समय मांगा है। इसलिए उन्हें अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है।