मध्यप्रदेश में 75 प्रतिशत मतदान, 2899 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के तहत सभी 230 सीटों के लिए बुधवार को शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के साथ ही 2899 प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो गई। राज्य के पांच करोड़ से अधिक मतदाताओं में से लगभग 75 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांताराव ने आज शाम आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि शाम छह बजे तक पूरे प्रदेश में 74 दशमलव 61 प्रतिशत मतदान होने की सूचना मिली है।

उन्होंने बताया कि करीब 250 मतदान केन्द्रों पर लंबी कतारें लगी रही। उन्होंने कहा कि शाम पांच बजे से पूर्व कतार में खड़े होने वाले सभी मतदाताओं को मतदान का मौका दिया गया। इससे मतदान प्रतिशत और बढ़ने के आसार है।

राज्य के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र में में 78 दशमलव 05 प्रतिशत, लांजी विधानसभा क्षेत्र में 79 दशमलव 07 प्रतिशत और परसबाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 80 दशमलव 05 प्रतिशत मतदान हुआ।

कांताराव ने बताया कि राज्य के निमाड़ मालवांचल के अलावा बालाघाट, छिंदवाड़ा और शाजापुर में 75-75 फीसदी के आसपास मतदान दर्ज हुआ है। राजधानी भोपाल में लगभग साठ फीसदी मतदान हुआ। हालंकि अभी स्थानों से अंतिम आंकड़े आना शेष हैं। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान कुल 386 शिकायतें मिली जिसका तत्काल निराकरण कर दिया गया। अभी कोई शिकायत लंबित नहीं है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदान के दौरान 883 बैलेट यूनिट, 881 कंट्रोल यूनिट और 2126 वीवीपैट बदली गई। उन्होंने कहा कि यह मतदान में उपयोग की गई मशीनों का क्रमश : एक दशमलव 36 प्रतिशत, एक दशमलव 36 प्रतिशत और तीन दशमलव 25 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में करीब दो प्रतिशत मशीनों को बदला गया था। हालांकि, मध्यप्रदेश का आंकड़ा थोड़ा ज्यादा है लेकिन कर्नाटक चुनाव के छह प्रतिशत के मुकाबले यह काफी कम है।

मतदान बहिष्कार को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कांताराव ने कहा कि मतदान बहिष्कार की कोई सूचना नहीं है। इक्का दुक्का घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। बूथ पर कब्जे की भी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान इंदौर, गुना और धार जिले में एक-एक यानी कुल तीन मतदान कर्मियों की मृत्यु हृदयाघात और अन्य बीमारियों से हुयी है।

मतदान के शुरूआती दौर में सतना जिला और कुछ अन्य जिलों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण कुछ देर के लिए मतदान प्रभावित रहा। इन सभी स्थानों पर मशीनें बदलकर मतदान शुरू कराया गया। सतना जिले में लगभग डेढ़ हजार वीवीपेट और तीन सौ से अधिक कंट्रोल यूनिट बदली गई। इस जिले में रिजर्व मशीन भी कम पड़ गई, इसलिए रीवा और आसपास के जिलों से अतिरिक्त मशीनें बुलाकर सतना जिले में इनका उपयोग किया गया।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सतना जिले में 20 प्रतिशत वीवीपेट (1545 नग) बदले गए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर पुनर्मतदान कराने की आवश्यकता इसलिए नहीं हैं क्योंकि मशीन बदलकर फिर से मतदान शुरू करा दिया गया और शाम पांच बजे तक आने वाले सभी मतदाताओं से वोट डलवाए गए। हालांकि कोई उम्मीदवार पुनर्मतदान का आवेदन देने के लिए स्वतंत्र है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में लगभग 72.66 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे।