अयोध्या में सरयू तट पर मुस्लिम मंच का सामूहिक नमाज पढऩे का कार्यक्रम निरस्त

Muslim rashtriya manch namaj programme cancelled at Siru coast in Ayodhya

अयोध्या। अयोध्या स्थित विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर सौहार्दपूर्ण मंदिर निर्माण के लिये राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने सरयू तट पर सामूहिक नमाज पढऩे का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक संत मुरारी दास ने विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिये करीब मुसमानों से सरयू तट के किनारे नये घाट पर सामूहिक रूप से वजू करने का आवाह्नन किया था। इसमें पांच सौ लोग शामिल होने वाले थे।

प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास, हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पाण्डेय, धर्मसेना के संस्थापक संतोष दूबे द्वारा इस कार्यक्रम का विरोध किया। विरोध के बाद सामूहिक नमाज पढ़ऩे का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।

मंच की सामूहिक नमाज अयोध्या के प्रसिद्ध नौ गजी मजार पर करीब पांच सौ पुरुषों एवं महिलाओं ने अता की और देश में अमन-चैन एवं भाईचारा कायम रखने के साथ-साथ राम मंदिर विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए दुआ मांगी।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक संत मुरारी दास ने कहा कि इस आयोजन से देश की तरक्की, अमन-चैन एवं भाईचारा के साथ-साथ कौमी एकता, सामाजिक एकता तथा सदभाव, आपसी विवादों को समाप्त करने के लिए गुरूवार को यहां नमाज अता की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जो भी मुस्लिम भाई शामिल हुए हैं उन लोगों का प्रभु राम के साथ राष्ट्र के प्रति श्रद्धा है।

इस बीच अपर जिलाधिकारी विन्ध्यवासिनी कुमार राय एवं पुलिस अधीक्षक (नगर) अनिल सिंह सिसौदिया ने यहां बताया कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के द्वारा सामूहिक नमाज सरयू तट पर पढऩे के कार्यक्रम पर प्रशासन के द्वारा कोई रोक नहीं लगाई गई थी।

इस बीच हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पाण्डेय और धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने कहा कि मुसलमानों के साथ एक बड़ी डील के तहत आरएसएस, मुस्लिम मंच और भारतीय जनता पार्टी सुलह-समझौता के फार्मूले को लागू करते हुए श्रीरामजन्मभूमि पर मस्जिद बनवाने की साजिश रच रही है।

उन्होंने कहाकि ऐसा प्रतीत होता है कि सुलह-समझौते की पक्षधर रही सपा, कांग्रेस और अन्य देश विरोधी संगठनों से आरएसएस तथा भाजपा के बीच डील पक्की हो चुकी है। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच अयोध्या के सरयू तट पर सामूहिक नमाज अता करने पर प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने विरोध करते हुए आत्मदाह की भी धमकी दी थी।