केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सहायता के लिए आगे आया नारायण सेवा संस्थान

Narayan Seva Sansthan extends support to flood affected areas of Kerala
Narayan Seva Sansthan extends support to flood affected areas of Kerala

एक गैर-लाभकारी संगठन नारायण सेवा संस्थान ने केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सहायता के लिए प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में खाने के पैकेट और जरूरी राहत सामग्री का वितरण किया।

नारायण सेवा संस्थान की निदेशक श्रीमती वंदना अग्रवाल और एक विशेष टास्क फोर्स टीम वाटर बोट के जरिए प्रदेश के दूरदराज के आदिवासी इलाकों में पहुंची और उन्होंने बाढ पीड़ितों के बीच जरूरी सामान का वितरण किया।

नारायण सेवा संस्थान का मकसद ऐसे लोगों की सहायता करना है जो बेहद विषम परिस्थितियों में जीवन बसर कर रहे हैं और इसी सिलसिले में संस्थान की टीम केरल के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पीड़ितों तक पहुंची और उनकी सहायता का प्रयास किया। टीम ऐसे इलाकों में पहुंची, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं और भौगोलिक बाधाओं के कारण इन स्थानों पर रहने वाले लोगों की सहायता करना एक जटिल और मुश्किल काम माना जाता है।

बाढ़ पीडितों की सहायता के लिए उठाए गए इस कदम की जानकारी देते हुए नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल ने कहा- ‘‘केरल और यहां के लोग पिछली एक शताब्दी में आई सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहे हैं। बारिश के कहर के कारण प्रदेश में अब लोगों का पुनर्वास करना एक बडा और महत्वपूर्ण काम है। हमारी कोशिश है कि राज्य के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में लोगों तक राहत पहुंचाई जाए और पीडित लोगों को रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं। इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं हमारे मानवीय मूल्यों का इम्तिहान लेती हैं औरऐसे मुश्किल समय में सभी भारतीयों को केरल में रहने वाले हमारे भाइयों और बहनों के साथ खड़ा होना चाहिए।‘‘

नारायण सेवा संस्थान ‘दिव्यांग लोगों के लिए एक ऐसा स्मार्ट कैंपस‘ है, जहां ‘जीवन के किसी भी स्तर पर, किसी भी तरह से वंचित अनुभव करने वाले लोगों के लिए‘ सभी सुविधाएं जुटाई गई हैं। नारायण सेवा संस्थान ने पिछले 30 वर्षों में 3.5 लाख से ज्यादा मरीजों का आॅपरेशन किया है और उन्हें चिकित्सा सेवाओं, दवाइयों और टैक्नोलाॅजी का निशुल्क लाभ देकर पूर्ण सामाजिक-आर्थिक सहायता प्रदान की है।

नारायण सेवा संस्थान दिव्यांग लोगों के लिए निरंतर शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के उद्देश्य से काम करते हुए लगातार नई ऊंचाई हासिल कर रहा है। 1985 में स्थापित नारायण सेवा संस्थान पोलियो और अन्य जन्म से विकलांगता से प्रभावित लाखों लोगों को निःशुल्क सुधारात्मक उपचार प्रदान कर रहा है।