नारायण सेवा संस्थान ने दिव्यांगों के लिए जयपुर में किया कृत्रिम अंग मापन शिविर का आयोजन

Narayan Seva Sansthan
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जयपुर । गैर-लाभकारी संगठन नारायण सेवा संस्थान ने आज जयपुर में दिव्यांग लोगों के लिए एक कृत्रिम अंग मापन शिविर का आयोजन किया। शिविर का आयोजन कृत्रिम अंगों के आकार को मापने के लिए किया गया था, जिन्हें दिव्यांगों की जरूरत के अनुसार बाद में विकसित किया जाएगा और इन्हें अलग-अलग लाभार्थियों को लगाया जाएगा।

50 से अधिक विकलांगों ने कृत्रिम अंगों के मापन के लिए शिविर में भाग लिया। 5 डॉक्टरों की एक टीम ने शिविर का आयोजन किया जिसमें पहले कृत्रिम अंगों की जरूरत को परखा गया और फिर कृत्रिम अंगों को लगाने के लिए माप लिया गया।

दुर्घटना या अन्य बीमारियों के कारण कुछ मामलों में लोग अपने शरीर का कोई अंग खो देते हैं जो प्रतिकूल रूप से उन्हें दूसरों पर निर्भर कर देता है। एक कृत्रिम अंग न केवल उनकी गतिशीलता में सुधार करता है बल्कि उनका आत्म विश्वास बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाता है। कृत्रिम अंगों से उनकी रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों की कठिनता कम हो जाती है। ऐसी गतिविधियां, जो सामान्य तौर पर चुनौतीपूर्ण या कठिन लगती हैं, कृत्रिम अंगों के साथ बहुत आसानी से निष्पादित की जा सकती हैं।

नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल का कहना है, ‘नारायण सेवा संस्थान में हम दिव्यांगों और वंचित व्यक्तियों के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। ज्यादातर मामलों में, एक पूरी तरह से फिट कृत्रिम अंग के साथ कोई दिव्यांग एक सामान्य जीवन जीने में सक्षम है। हम दिव्यांगों को भौतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

राजस्थान में उदयपुर जिले के बडी गांव में स्थित नारायण सेवा संस्थान ने पिछले 30 वर्षों के दौरान 3.5 लाख से अधिक रोगियों का आॅपरेशन किया है। संस्थान में 1100 शैयाओं वाला अस्पताल भी संचालित किया जाता है, जहां दिव्यांग लोगांे का न सिर्फ इलाज किया जाता है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के प्रयास भी किए जाते हैं।

नारायण सेवा संस्थान भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, यूक्रेन, ब्रिटेन और यूएसए में रहने वाले और पोलियो और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित शारीरिक रूप से विकलांग रोगियों और अन्य जन्म विकलांगता से पीड़ित लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर उभरा है। स्मार्ट गांव बडी में नारायण सेवा संस्थान में प्रतिदिन हजारों रोगियों की सेवा की जाती है। किसी भी प्रकार के शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए नारायण सेवा संस्थान आने वाले मरीजों को यहां किसी भी नकद काउंटर या भुगतान गेटवे से गुजरना नहीं होता।