सिरोही में मिला वसुंधरा सरकार की भावी हार का कारण, नारियल-पानी और चाय-पानी हराएगा

bribe coded with nariyal pani and chay pani

सबगुरु न्यूज-सिरोही। अजमेर, अलवर और मांडलगढ में भाजपा की बुरी तरह हार का कारण सिरोही में भी मिल गया है। दरअसल, सिरोही जिले के तीनों विधायकों समेत वसुंधरा राजे सरकार के अधिकांश विधायक नवम्बर 2018 में अंगूर के पानी, नारियल-पानी और चाय-पानी के कारण हारेंगे।

सिरोही में भी भाजपा के तीनों विधायकों की नैया सरकारी तंत्र में फैले यही तीनों पानी डुबाएंगे। ये हालात सिर्फ सिरोही में हों, ऐसा नहीं है। भ्रष्टाचार की यह जड राज्य के हर जिले में पंचायत स्तर तक पहुंच चुकी है और इसे नियंत्रण करने के लिए अशोक गहलोत की तरह वसुंधरा सरकार ने कोई इच्छा शक्ति नहीं दिखाई। यही कारण है कि विकास के तमाम दावों के बाद भी भाजपा तीन जगह बुरी तरह हारी और 2018 हारने की कगार पर है।
-डी-कोड हुआ नारियल पानी का रहस्य
सबगुरु न्यूज ने 5 मार्च, 2018 को यहां मरीजों से कथित रूप से डाॅक्टर मांगते हैं नारियल पानी, वायरल हुआ आॅडियो शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें एक कथित चिकित्सक मरीज से नारियल पानी देने क बात कर रहा है। इस समाचार के प्रकाशन के बाद सबगुरु न्यूज के पास कई फोन आए। उन फोनों से नारीयल-पानी और चाय-पानी का कोड डी-कोड हुआ।

चिकित्सा क्षेत्र और सरकारी क्षेत्रों में रिश्वत या सुविधा शुल्क को अंगूर-पानी, नारियल पानी और चाय-पानी का कोड नाम दिया गया है। चाय-पानी का मतलब है दो-तीन हजार रुपये, नारियल-पानी का मतलब है पांच हजार और उससे ज्यादा की रकम। अंगूर-पानी का कोड पुराना है। बडे कामों की एवज में इसकी डिमांड की जाती है।

सिरोही के चिकित्सालयों में किसी मरीज का आॅपरेशन करने पर नारियल-पानी मांगा जाता है। वहीं किसी महिला की नाॅर्मल डिलीवरी और माइनर आॅपरेशन करने पर चाय-पानी मांगी जाती है।
-आॅडियो सिरोही की ही
इस वायरल आॅडियो के संबंध में कई लोगों ने तस्दीक की कि यह आॅडियो सिरोही जिले की ही है। उनका यह भी कहना है कि इस आॅडियो को सुनकर प्रशासनिक मशीनरी आसानी से उस शख्स तक पहुंच सकती है जो आॅपरेशन करवाने वाली महिला से नारियल पानी मांगती है।
-आॅपरेशन और डिलीवरी के बाद बुलवाते हैं चिकित्साकर्मी
सूत्रों के अनुसार जिले के सरकारी चिकित्सालयों में पिछले चार सालों से विशेषकर डिलीवरी केसों में नई परम्परा ने जन्म ले लिया है। चिकित्सा विभाग से ही जुडे एक सूत्र के अनुसार आॅपरेशन या नाॅर्मल डिलीवरी होने पर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को लेकर आने वाले सरकारी तंत्र से जुडे लोग चिकित्साकर्मी से मिलने के लिए उसे कहते हैं।

आरोप ये भी है कि चिकित्साकर्मी या उसका करीबी इसे फोन पर इस संबंध में कोई बात नहीं करता। वायरल आॅडियो में भी पुरुष की आवाज में व्यक्ति यह कह रहा है कि फोन पर थोडी ना बताउंगा। फाॅल काॅल के रिकाॅर्ड होने के डर से इस तरह के संदेशों का आदान-प्रदान संदेशवाहकों से करवाया जाता है।

आरोप ये भी है कि मरीज या उसका परिजन संदेश मिलने पर जिस चिकित्साकर्मी से मिलता है तो वो चिकित्साकर्मी उससे वहीं नारीयल-पानी या चाय-पानी की मांग करता है। जिले के एक भाजपा नेता का तो यह भी दावा है कि उसके परिजनों के साथ भी चिकित्सकों ने इसी तरह से वसूली की। इसकी सूचना उन्होंने मंत्री और विधायकों को भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-इनका कहना है…
चिकित्सालयों में हमारा हस्तक्षेप नहीं होता है। सीएमएचओ और पीएमओ स्तर पर ही यह सब होता है। यदि यह गठजोड इस बुरी तरह से फैला है तो अब हम इसमें हस्तक्षेप करेंगे।
संदेश नायक
जिला कलक्टर, सिरोही।

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