नवजोत सिद्धू कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से हटे, रजिया का भी मंत्री पद से इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कांग्रेस की नई सरकार बनने के साथ ही यह हिचकोले लेने लगी है। उसकी एक मंत्री रजिया सुल्ताना ने विभाग का आवंटन होने के कुछ ही घंटे के बाद आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

चन्नी मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा आज दोपहर के करीब हुआ था लेकिन कुछ घंटे बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पद से अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज कर चौंका दिया और शाम ढलते ही चन्नी मंत्रिमंडल से रजिया सुल्ताना भी चलती बनीं। सुल्ताना के पति और पूर्व आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार हैं।

सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे वहीं सुल्ताना ने भी इस्तीफे में पार्टी में बने रह कर काम करते रहने की बात कही है। सिद्धू के इस्तीफे के बाद अब उनके और करीबी भी इस्तीफे दे सकते हैं।

सिद्ध ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है, मैं पंजाब के भविष्य को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता इसीलिए पंजाब प्रदेशाध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा देता हूॅ। मैं कांग्रेस के लिए काम करता रहूंगा।

सिद्धू के इस्तीफे के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का ट्वीट आया। उन्होंने कहा कि मैंने कहा था कि वह स्थिर आदमी नहीं हैं। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य के लिए सिद्धू फिट नहीं हैं।

चन्नी ने गत रविवार को ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए इसमें 15 और कैबिनेट मंत्री शामिल किए थे। इससे पहले गत 20 सितम्बर को चन्नी ने मुख्यमंत्री और सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
इस बीच, सिद्धू के इस्तीफे के बाद गुलजार इंदर चहल ने पंजाब कांग्रेस कोषाध्यक्ष और योगेंद्र ढींगरा ने महासचिव पद से आज अपने इस्तीफे दे दिए।

नवजोत सिद्धू को मनाने कुछ नेता पटियाला रवाना

पंजाब कांग्रेस के कुछ नेता आज देर शाम नवजोत सिद्धू को मनाने पटियाला रवाना हो गये जहां वो सिद्धू को इस्तीफा वापस लेने का आग्रह करेंगे। मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर राजा वडिंग के अलावा कुछ विधायकों के पटियाला पहुंचने की संभावना है।

चन्नी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में सिद्धू के इस्तीफे के बारे में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा था कि वो उनसे बात करके ही कुछ कह सकेंगे। इस मामले को लेकर पार्टी के नेता उन्हें मनाने पटियाला पहुंचे। मौजूद घटनाक्रम को लेकर आज देर शाम मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई थी जो अब बुधवार सुबह होगी।

फिलहाल कांग्रेस में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सिद्धू का इस्तीफा ऐसे हालात में देना किसी को अच्छा नहीं लग रहा है। सूत्रों के अनुसार यदि इस्तीफा ही देना था तो यह नाटक करने की क्या जरूरत थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे कद्दावर नेता को मुख्यमंत्री पद से हटाकर यही दिन दिखाना तो फिर उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पर की कमान सिर्फ दो माह के लिए संभाली थी। सारे राज्य में उथल पुथल मचा दी।

ज्ञातव्य है कि सिद्धू की करीबी मंत्री पद से रजिया सुलताना का इस्तीफा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव पद से योगेंद्र ढींगरा और पार्टी कोषाध्यक्ष पद से गुलजार इंदर चहल ने इस्तीफा दे दिया। देर शाम तक परगट सिंह के इस्तीफे की भी चर्चा जोरों पर रही लेकिन उन्होंने कहा कि वे सिद्धू को मनाने जा रहे हैं और उसके बाद कोई फैसला लेंगे।

उधर, आलाकमान ने नवजोत सिद्धू के इस्तीफे को मंजूर नहीं किया है और शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व को यह मामला अपने स्तर पर हल करने को कहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस बीच कहा है कि मैं जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेने जा रहा हूं। इससे कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है।

इससे पहले मौजूदा घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाई जिसमें मौजूदा हालात पर चर्चा हुई तथा सिद्धू को मनाने के लिए जाने पर भी चर्चा हुई। सिद्धू के खास मंत्री उनको अपना फैसला वापस लेने का आग्रह करेंगे।