नीरज चोपड़ा सहित 11 खिलाड़ियों को खेल रत्न, 35 खिलाड़ी बने अर्जुन

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास बनाने वाले भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा और रजत पदक जीतने वाले पहलवान रवि दहिया, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन, फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री, महिला क्रिकेटर मिताली राज, हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश समेत कुल 11 खिलाड़ियों को सोमवार को यहां एक कार्यक्रम में देश के सर्वाेच्च खेल सम्मान खेल रत्न से सम्मानित किया गया।

खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार के विजेताओं को यहां अशोका होटल में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रॉफियां प्रदान की। 2020 टोक्यो ओलंपिक एवं पैरालंपिक के सभी विजेताओं को ट्राफियाें के साथ-साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों को यह सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में खेल रत्न के अलावा अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद पुरस्कार, तेन जिंग नोर्गे साहस पुरस्कार, राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार और मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्राॅफी प्रदान की गई।

पिछले साल कोरोना महामारी के कारण राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह वर्चुअल रूप से आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर वर्ष हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार 29 अगस्त के आसपास ओलंपिक और पैरालंपिक होने के कारण पुरस्कारों को देने में देरी हुई।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समिति ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा समेत 11 खिलाड़ियों का नाम साल 2021 के मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया था। नीरज के अलावा वाले पहलवान रवि दहिया, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन, फुटबॉलर सुनील छेत्री, महिला क्रिकेटर मिताली राज, हॉकी खिलाड़ी पीआर श्रीजेश समेत कुल 11 खिलाड़ियों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।

इनके अलावा टोक्यो पैरालंपिक में गोल्ड समेत दो पदक जीतकर इतिहास रचने वाली महिला पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा समेत 35 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन 35 खिलाड़ियों में क्रिकेटर शिखर धवन का नाम भी शामिल है।

पैरालंपिक खेलों का आयोजन इस साल 24 अगस्त से पांच सितंबर तक टोक्यो में हुआ। इस दौरान भारतीय एथलीटों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और ओलंपिक-पैरालंपिक इतिहास में सर्वाधिक 19 पदक जीते।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2020 के विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

खेल रत्न पुरस्कार

रोहित शर्मा (क्रिकेट), मरियप्पन थंगावेलु (पैरा एथलेटिक्स), मनिका बत्रा (टेबल टेनिस), विनेश फोगाट (कुश्ती), रानी रामपाल (हॉकी)।
अर्जुन पुरस्कार: अतानु दास (तीरंदाजी), दुती चंद (एथलेटिक्स), सात्विकसैराज रेंकीरेड्डी (बैडमिंटन), चिराग शेट्टी (बैडमिंटन), विशेष भृगुवंशी (बास्केटबॉल), मनीष कौशिक (मुक्केबाजी), लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी), इशांत शर्मा (क्रिकेट), दीप्ति शर्मा (क्रिकेट), सावंत अजय अनंत (घुड़सवारी), संदेश झिंगन (फुटबॉल), अदिति अशोक (गोल्फ), आकाशदीप सिंह (हॉकी), दीपिका (हॉकी), दीपक (कबड्डी), काले सारिका सुधाकर (खो खो)), दत्तू बबन भोकानल (रोइंग), मनु भाकर (निशानेबाजी), सौरभ चौधरी (निशानेबाजी), मधुरिका पाटकर (टेबल टेनिस), दिविज शरण (टेनिस), शिवा केशवन (शीतकालीन खेल), दिव्या काकरान (कुश्ती), राहुल अवारे (कुश्ती), सुयेश नारायण जाधव (पैरा तैराकी), संदीप (पैरा एथलेटिक्स), मनीष नरवाल (पैरा निशानेबाजी)।

द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवन पर्यंत उपलब्धि श्रेणी)

धर्मेंद्र तिवारी (तीरंदाजी), पुरुषोत्तम राय (एथलेटिक्स), शिव सिंह (मुक्केबाजी), रोमेश पठानिया (हॉकी), कृष्ण कुमार हुड्डा (कबड्डी), विजय भालचंद्र मुनीश्वर (पैरा पावरलिफ्टिंग), नरेश कुमार (टेनिस), ओम प्रकाश दहिया (कुश्ती)।

द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी)

जूड फेलिक्स (हॉकी), योगेश मालवीय (मल्लखंभ), जसपाल राणा (निशानेबाजी), कुलदीप कुमार हांडू (वुशु), गौरव खन्ना (पैरा बैडमिंटन)।

ध्यानचंद पुरस्कार

कुलदीप सिंह भुल्लर (एथलेटिक्स), जिन्सी फिलिप्स (एथलेटिक्स), प्रदीप श्रीकृष्ण गांधे (बैडमिंटन), तृप्ति मुरगुंडे (बैडमिंटन), एन उषा (मुक्केबाजी), लक्खा सिंह (मुक्केबाजी), सुखविंदर सिंह संधू (फुटबॉल), अजीत सिंह (हॉकी), मनप्रीत सिंह (कबड्डी), जे रंजीत कुमार (पैरा एथलेटिक्स), सत्यप्रकाश तिवारी (पैरा बैडमिंटन), मनजीत सिंह (रोइंग), स्वर्गीय सचिन नाग (तैराकी), नंदन बल (टेनिस), नेत्रपाल हुड्डा (कुश्ती)।

तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार

अनीता देवी (भूमि साहस), कर्नल सरफराज सिंह (भूमि साहस), टका तामुत (भूमि साहस), केवल हिरेन कक्का (भूमि साहस), सतेंद्र सिंह (जल साहस), गजानंद यादव (वायु साहस), स्वर्गीय मगन बिस्सा (जीवन पर्यंत उपलब्धि)।

मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्रॉफी: पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़।

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

नवोदित और युवा प्रतिभा की पहचान और निखारना: लक्ष्य संस्थान, सेना खेल संस्थान।

कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन: तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) लिमिटेड।

खिलाड़ियों को रोजगार और खेल कल्याण के उपाय: वायु सेना खेल नियंत्रण बोर्ड।

खेल विकास के लिए: अंतरराष्ट्रीय खेल प्रबंधन संस्थान (आईआईएसएम)।