नेपाल में प्लास्टिक थैलियों से ‘मृत समुद्र’ बनाया

Nepal attempts record with a Dead Sea of plastic bags
Nepal attempts record with a Dead Sea of plastic bags

काठमांडू। नेपाल में पर्यावरण को लेकर जागरुकता और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए बुधवार को प्लास्टिक थैलियों की सबसे बड़ी ‘मृत सागर’ के रूप में संरचना बनाई गई।

यह संरचना राजधानी के मध्य भाग में टुंडिकेल में मृत सागर के रूप में बनाई गई जिसमें करीब 88,000 प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल किया गया। इसका विषय ‘एक मृत सागर हमारे लिए पर्याप्त है’ रखा गया।

पर्यावरण विभाग और विभिन्न संगठनों के सहयोग से गैर-सरकारी संगठन एसटीईएम फाउंडेशन नेपाल के तत्वावधान में मृत सागर का निर्माण 20 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा क्षेत्र में किया गया।

आयोजक के अनुसार इसके निर्माण का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना है, इसके लिए नारा दिया गया, आओ अधिक प्लास्टिक का उपयोग न करें और जीवित समुद्र को मृत सागर में परिवर्तित न करें।

एसटीईएम फाउंडेशन नेपाल के सदस्य सुमन गिरि ने कहा हमलोगों को बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण से नदियों एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की जरूरत है क्योंकि प्लास्टिक न तो पूरी तरह जलता है और न ही मिट्टी में अवशोषित होता है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार 2012 में सिंगापुर में 68,000 प्लास्टिक थैलियाें से ऑक्टोपस की सबसे बड़ी आकार बनाई गई थी।

यह आकृति ऐसे समय बनाई गई जब नेपाल सरकार बार-बार प्रयासों के बावजूद प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिबंध लगाने में नाकाम रही है। प्लास्टिक बैग विनियमन और नियंत्रण निर्देश-2016 के तहत 30 माइक्रोन से नीचे प्लास्टिक बैग के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को प्रतिबंधित करता है।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मोहम्मद इस्तियाक राय ने प्लास्टिक बैग के उपयोग में कमी के लिए प्रभावी ढंग से काम करने का वचन दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक एक अरब से अधिक प्लास्टिक थैलियों का एक बार इस्तेमाल किया जाता है और हर दिन काठमांडू घाटी में फेंक दिया जाता है और अब यह 11 प्रतिशत से अधिक अपशिष्ट का निर्माण करता है।