बीएएसएफ का नया कीटनाशक भारतीय किसानों की फसल सुरक्षा और पैदावार बढ़ाने में मददगार

New insecticide from BASF helps Indian farmers protect crops and increase yields
New insecticide from BASF helps Indian farmers protect crops and increase yields

चंडीगढ़ । बीएएसएफ द्वारा आज सेफिना नामक कीटनाशक के लाॅन्च के साथ भारत के किसान अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकेंगे और पैदावार बढ़ा सकेंगे। यह नया समाधान, बीएएसएफ के नये क्रियाशील अवयव, इंस्कैलिस® से तैयार किया गया है। इंस्कैलिस®ए एएक नये रासायनिक वर्ग ‘पाइरोपीन’ का पहला कीटनाशक है।

प्रमुख कीटनाशकों के नियंत्रण हेतु नये तरह का एक्शन प्रदान करने वाला, सेफिना एकीकृत कीटनाशक नियंत्रण प्रोग्राम के तहत प्रतिरोध से लड़ने के लिए किसानों को एक शक्तिशाली समाधान उपलब्ध कराता है। सेफिना, छेद करने वाले और चूसने वाले कीटों जैसे-जसिड्स और व्हाईटफ्लाई (दोनों वयस्क एवं शुरूआती निम्फ्स) को नियंत्रित करने हेतु कपास एवं अन्य सब्जी वाली फसलों पर उपयोग हेतु पंजीकृत है।

आज चंडीगढ़ में लाॅन्च हेतु आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर, क्राॅप प्रोटेक्शन एशिया पैसिफिक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, गुस्तावो पैलेरोसी कार्निरो ने कहा, ‘‘भारत के फसल उत्पादक अब हमारी नवीनतम तकनीक से लाभान्वित होने वाले दुनिया के पहले कृषक समुदाय हैं। कृषि कार्य धरती का सबसे बड़ा कार्य है। बीएएसएफ में, हम किसानों की आवश्यकताओं को समझने हेतु उनकी राय जानने और उनके साथ मिलकर काम करने के लिए समर्पित हैं, ताकि हम अपनी दक्षता का उपयोग कर इस विशाल चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में उनकी मदद कर सकें।’’

प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाले कवक की किण्वन प्रक्रिया से तैयार किये गये, सेफिना का प्रोफाइल पर्यावरणानुकूल है, जिसका महत्वपूर्ण रूप से लाभप्रद कीटों एवं परागकों पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं है। सेफिना तीव्रता से काम करता है और उपचारित फसलों के संपर्क में आने से कीटाणुओं को शीघ्र रोकता है। इससे पोषक पदार्थों का कम नुकसान होता है और हानिकारक वायरल या बैक्टीरियल रोगाणु फैल नहीं पाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पौधे स्वस्थ रहते हैं और उच्च गुणवत्ता के साथ उनसे अधिकतम पैदावार हासिल हो पाती है।

इंसेक्टिसाइड्स के वैश्विक विपणन प्रबंधक, जोएल डी. जाॅनसन ने कहा की सेफिना का असर दिखाने का अनूठा तरीका छेदने-चूसने वाले कीटों के नियंत्रण हेतु सटीक समाधान तैयार करने हेतु सहयोगात्मक एवं खोजपरक विधि का परिणाम है।

उन्होंने बताया की यह नई खोज वर्तमान मानकों की तुलना में उपयोग की कम-से-कम रासायनिक मात्रा के साथ तरह-तरह के फसली और अफसली कीटाणुओं के उपचार हेतु दुनिया भर के अपने ग्राहकों की सहायता करने के प्रति हमारी वचनबद्धता की पुनर्पुष्टि है।

सेफिना के क्रियाशील अवयव इंस्कैलिस® को बीएएसएफ और मेजी द्वारा साथ मिलकर विकसित किया गया और जापानी कंपनी मेजी सीका फार्मा कंपनी लिमिटेड (मेजी) एवं किटासातो इंस्टीट्युट के डाॅ. सतोषी ओमुरा, जो वर्ष 2015 में औषधि के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार विजेता भी हैं, द्वारा आरंभिक रूप से इसकी खोज की गयी। यह सहयोग ऐसे नये-नये क्रियाशील अवयवों को खोजने, तैयार करने और उन्हें लाने के बीएएसएफ के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिससे कि किसान अधिक टिकाऊ तरीके से फसली कीटों को नियंत्रित कर सकें।

बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, डाॅ. रमण रामचंद्रन ने कहा, ‘‘बीएएसएफ, भारतीय उद्योग एवं कृषि को उनकी संभावना को अधिकाधिक बढ़ाने में सहायता करने हेतु वचनबद्ध है। भारतीय फसल उत्पादकों के लिए सर्वाधिक उन्नत समाधानों की सुलभता सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि वे बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें।’’

भारत में, बीएएसएफ ने बाजार से निकटता सुनिश्चित करने हेतु लगभग 200 फसल सुरक्षा विशेषज्ञों की समर्पित टीम लगा रखी है, और यह कपास, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, फल एवं सब्जियों सहित सभी प्रमुख फसलों के लिए उन्नत फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने वाले भारत के अग्रणी प्रदाताओं में से एक है।

बीएएसएफ ने स्थानीय एवं वैश्विक कृषि शोध पर जोर देने के साथ वर्ष 2015 में पुणे में अपना कृषि शोध स्टेशन स्थापित किया। यह कंपनी, जैविक संश्लेषण, उन्नत प्रक्रिया एवं संरूपण शोध, आधुनिक कृषि समाधानों हेतु डिस्कवरी केमिस्ट्री एवं माॅलिक्युलर माॅडलिंग पर जोर देते हुए नवी मुंबई, भारत के अपने ठाणे साईट पर वैश्विक शोध एवं विकास केंद्र का परिचालन भी करती है। दुनिया भर में, बीएएसएफ हर वर्ष फसल सुरक्षा शोध पर लगभग 500 मिलियन डाॅलर का निवेश करता है।

बीएएसएफ के क्राॅप प्रोटेक्शन डिविजन के विषय में
तेजी से बढ़ती हुई आबादी के साथ, दुनिया टिकाऊ कृषि एवं स्वस्थ पर्यावरण विकसित करने की हमारी क्षमता पर अधिकाधिक निर्भर है। बीएएसएफ की क्राॅप प्रोटेक्शन डिविजन, इसे संभव बनाने हेतु कृषकों, कृषि पेशेवरों, कीट प्रबंधन विशेषज्ञों एवं अन्य के साथ मिल-जुलकर काम करती है।

अपने सहयोग के साथ, बीएएसएफ सक्रिय शोध एवं विकास पाइपलाईन, उत्पादों एवं सेवाओं का खोजपरक पोर्टफोलियो, एवं प्रयोगशाला व खेतों में ग्राहकों की सहायता हेतु विशेषज्ञों की टीम बनाये रखने में सक्षम है, ताकि किसानों को उनका व्यवसाय सफल बनाने में मदद की जा सके। वर्ष 2017 में, बीएएसएफ की क्राॅप प्रोटेक्शन डिविजन ने 5.7 बिलियन यूरो की बिक्री की। अधिक जानकारी हेतु, कृपया ण्ंहतपबनसजनतमण्इंेण्बिवउ पर जाएं या हमारे किसी भी सोशल मीडिया चैनल्स पर जाएं।

बीएएसएफ इन इंडिया के विषय में
बीएएसएफ ने 125 वर्षों से अधिक समय से भारत की प्रगति के लिए सफलतापूर्वक सहयोग दिया। तेल एवं गैस को छोड़कर, इसके सभी वैश्विक व्यवसाय आज भारत में मौजूद हैं। वर्ष 2017 के अंत में, देश भर में बीएएसएफ इन इंडिया के 11 उत्पादन स्थलों एवं कार्यालयों के साथ-साथ मुंबई स्थित इनोवेशन कैंपस एवं मंगलोर स्थित शोध एवं विकास केंद्र में 2,313 कर्मचारी थे। वर्ष 2017 में, बीएएसएफ ने भारतीय ग्राहकों को लगभग 1.3 बिलियन यूरो की बिक्री की। इंटरनेट पर ूूूण्इंेण्बिवउध्पद पर अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध है।

बीएएसएफ के विषय में
बीएएसएफ में, हम टिकाऊ भविष्य के लिए रसायन तैयार करते हैं। हम आर्थिक सफलता के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा एवं सामाजिक जिम्मेवारी के प्रति भी अपने दायित्वों का बाखूबी निर्वहन करते हैं। बीएएसई समूह के 115,000 से अधिक कर्मचारी लगभग सभी क्षेत्रों में और दुनिया के लगभग सभी देश में हमारे ग्राहकों की सफलता में योगदान देते हैं। हमारे पोर्टफोलियो में पांच खण्ड शामिल हैंः रसायन, परफाॅर्मेंस प्रोडक्ट्स, फंक्शनल मैटेरियल्स एवं समाधान, कृषि समाधान और तेल व गैस। बीएएसएफ ने वर्ष 2017 में 64.5 बिलियन यूरो की बिक्री की। फ्रैंकफर्ट (बीएएस), लंदन (बीएफए) और ज्युरिख (बीएएस) के स्टाॅक एक्सचेंजों में बीएएसएफ के शेयर्स की ट्रेडिंग की जाती है। अधिक जानकारी हेतु, ूूूण्इंेण्बिवउ पर जाएं।