केन्द्र एवं राज्य सरकारें मिलकर करें महामारी की घातक दूसरी लहर का सामना : गहलोत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना महामारी के खिलाफ केन्द्र और राज्य सरकारें तथा सभी देशवासी मिलकर लड़ेंगे, तभी विजय प्राप्त होगी।

गहलोत आज मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चित्तौड़गढ़ एवं श्रीगंगानगर जिलों में राजकीय मेडिकल कॉलेजों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महामारी की दूसरी लहर अप्रत्याशित तथा अधिक घातक है और इसने भयंकर रूप ले लिया है।

इस चुनौती का सामना करने के लिए जरूरी है कि वैक्सीनेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दी गई निःशुल्क वैक्सीन की तरह ही शेष आयु वर्ग के लोगों को भी केन्द्र सरकार की ओर से निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए।

गहलोत तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने 325-325 करोड़ रूपए की लागत से बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेजों की शिलान्यास पट्टिकाओं का वर्चुअल अनावरण किया। इस दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे, राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग उपस्थित थे।

गहलोत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से राज्य में डीआरडीओ की ओर से लगाए जा रहे ऑक्सीजन प्लांटों की संख्या बढ़ाने, ऑक्सीजन परिवहन के लिए अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने, राज्य को ऑक्सीजन का आवंटन देश के पूर्वी राज्यों की बजाय निकटवर्ती राज्यों से कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए संक्रमण को रोकने और मरीजों के इलाज करने के प्रयासों में कोई कसर नहीं रखेगी।

कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि आज राजस्थान और पूरा देश कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में बहुत अधिक तकलीफ से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इन विषम स्थितियों का सामना करने में केन्द्र सरकार सभी राज्यों को यथासंभव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने राज्य सरकारों को सुझाव दिया कि कोविड टीकाकरण की दूसरी डोज लगाने को भी समान प्राथमिकता दी जाए।

डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि बीते कुछ सालों में देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। देशभर में हैल्थ केयर ढांचे को मजबूती देने के लिए कई सुधार कार्यक्रम भी लागू किए गए हैं। एम्स की संख्या बढ़कर 22 हो गई है तथा 110 चिन्हित जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

इसी क्रम में तीसरे चरण में स्वीकृत किए गए 75 मेडिकल कॉलेजों में से सर्वाधिक 15 राजस्थान में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के लिए सतत प्रयास किए और सभी मापदण्डों को समय पर पूरा किया, जिनमें से दो मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास आज किया जा रहा है।

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