इंदौर में 7 लोगों के जिंदा जलने के ​पीछे सिरफिरे आशिक की करतूत

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने के कारण 7 लोगों की मृत्यु और 9 लोगों के झुलसने के मामले में शनिवार रात नया मोड़ आ गया। इमारत की पार्किंग में रखी एक स्कूटर में एक आशिक मिजाज युवक ने तड़के ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई थी और इसी आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रारंभिक पड़ताल में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया गया था, लेकिन पुलिस ने जब लगभग 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक युवक इमारत की पार्किंग में रखे दुपहिया वाहन में कुछ ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाते हुए दिखा।

इस युवक की पहचान मूल रूप से उत्तरप्रदेश के झांसी जिला निवासी संजय उर्फ अंकित दीक्षित के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर इस इमारत में रहने वाली एक युवती को पसंद करता था। यह युवक लगभग छह सात माह पहले तक इसी इमारत के एक हिस्से में किराए पर रहता था। वह कथित तौर पर युवती को पसंद करता था और अब उसका विवाह कहीं और होने जा रहा है। यह स्कूटर भी संबंधित युवती के परिजनों की बताई गई है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की अलग अलग टीम तैयार कर संभावित जगहों पर भेजी गई हैं। इस युवक ने वाहन में आग लगाने के दौरान सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ का भी प्रयास किया।

सूत्रों ने कहा कि युवक ने छह और सात मई की दरम्यानी मध्य रात्रि में इस घटना को अंजाम दिया। वाहन में लगी आग ने पहले पार्किंग और फिर ग्राउंड फ्लोर के बाद पहले और दूसरे फ्लोर तक पहुंच गई। इस वजह से इमारत में रहने वाले अलग अलग परिवारों के लगभग 16 व्यक्ति बुरी तरह झुलस गए। इसमें से 7 ने दम तोड़ दिया और शेष 9 काे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृत लोगों में एक पति और पत्नी शामिल हैं। जबकि शेष पांच लोग अलग अलग परिवारों के बताए गए हैं। घायलों में भी अलग अलग परिवार के व्यक्ति शामिल हैं। इस इमारत में तीन फ्लोर पर अलग अलग फ्लेट बने हुए हैं और अधिकांश परिवार किराए से रहते थे।

शुरूआत में बताया गया था कि विजयनगर थाना क्षेत्र के स्वर्णबाग कॉलोनी के तीन मंजिला मकान में आग लगने की घटना शार्ट सर्किट के कारण हुई है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर दुख जताते हुए संपूर्ण मामले की जांच के आदेश दिए थे। चौहान ने यह भी घोषणा की है कि मृतकों के आश्रितों को चार चार लाख रुपयों की सहायता प्रदान की जाएगी।

जांच के आदेश के बाद पुलिस और अधिक सक्रिय हुई और सबसे पहले आसपास के इलाकों के भी सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इस दौरान एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया और बाद में इस मामले में नया रहस्योद्घाटन हुआ।

इंदौर में तीन मंजिला मकान में लगी आग, सात लोगों की मौत