इस लय के साथ हम टूर्नामेंट जीतेंगे : वाशिंगटन सुंदर

Nidahas Trophy 2018: If we play to our strength, we will win the tournament says Washington sundar

कोलंबो। भारतीय क्रिकेट टीम को बांग्लादेश के खिलाफ जीत के साथ निदहास ट्राफी त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में जगह दिलवाने वाले स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने भरोसा जताया है कि इस लय के साथ टीम खिताब पर भी कब्ज़ा करेगी।

भारत ने अपने अाखिरी नॉकआउट मैच में बांग्लादेश को 17 रन से हराकर ट्वंटी 20 सीरीज के फाइनल में जगह सुनिश्चित कर ली है। इस मैच में सुंदर 22 रन पर तीन विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। वहीं पिछले कई मैचों से खराब खेल रहे कप्तान रोहित शर्मा 89 रन की अर्धशतकीय पारी की बदौलत मैन ऑफ द मैच बने।

सुंदर ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मेरे लिए यह अच्छा अहसास है क्योंकि मैंने छह से कम के इकोनोमी रेट से गेंदबाज़ी की और विकेट भी निकाले। हमारे लिए आठ ओवर बहुत अहम थे। मेरे और चहल के चार-चार ओवर मैच के लिहाज़ से जरूरी थे और हम दोनों ने ही काफी अच्छी इकोनोमी के साथ गेंदबाजी की।

उन्होंने कहा कि इस विकेट पर किसी भी स्कोर का बचाव करना आसान नहीं है। हम पहले देख चुके हैं कि बांग्लादेश ने यहां 215 के बड़े स्कोर का भी पीछा कर लिया था। ऐसे में हमारी योजना इकोनोमी पर ध्यान देने की थी।

18 वर्षीय स्पिनर ने तमीम इकबाल, लिटन दास और सौम्य सरकार के विकेट निकाले और बंगलादेश के तीनों ओपनिंग बल्लेबाज़ों के विकेट लेकर भारत की स्थिति को मजबूत कर दिया। अन्य महत्वपूर्ण स्पिनर युजवेंद्र चहल को भी मध्य क्रम में एक विकेट मिला।

सुंदर अभी तक सीरीज में सात विकेट ले चुके हैं और उनका इकोनोमी रेट भी काफी प्रभावशाली रहा है। पावरप्ले में गेंदबाजी करने को लेकर उन्होंने कहा कि जब आप भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे होते हैं तो आपको सभी चुनौतियों के लिये तैयार रहना होता है।

पावरप्ले में गेंदबाजी हमेशा ही मुश्किल होती है लेकिन क्रिकेट में ऐसा ही होता है। जब आप चुनौतियों का सामना करते हैं तभी आपको संतोष भी मिलता है।

युवा ऑलराउंडर ने टूर्नामेंट में 16 में से 11 ओवर पावरप्ले में डाले हैं और उनका इस दौरान प्रदर्शन टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे पास यह प्रतिभा है। पावरप्ले में बल्लेबाजों के दिमाग को पढ़ना होता है। विपक्षी खिलाड़ी की कोशिश रहती है कि वह उन छह गेंदों पर छक्के लगाए इसलिए उसे रोकना जरूरी होता है। मैं भी बल्लेबाजी करता हूं और मुझे पता होता है कि सामने वाला बल्लेबाज क्या सोच रहा है।

सुंदर ने माना कि घरेलू मैदान पर लीग क्रिकेट में उन्हें खेलने से बहुत मदद मिली है। उन्होंने कहा कि मैं घरेलू लीगों में भी पावरप्ले में गेंदबाजी करता हूं। मैं इस दौरान दो ओवर पावरप्ले अौर दो डैथ ओवरों में डालता रहा हूं अौर इससे मेरा अनुभव काफी बढ़ा है।

भारत के फाइनल में पहुंचने के बाद खिताब जीतने की संभावनओं को लेकर क्रिकेटर ने कहा कि हम जिस लय में खेल रहे हैं उसके हिसाब से यदि इन योजनाओं को लागू करते रहे तो हम जीत जाएंगे। हमारे लिए अपनी क्षमता के साथ खेलना जरूरी है। लेकिन टूर्नामेंट में एक और अच्छा दिन आपको जीत दिला सकता है।

टूर्नामेंट की दो अन्य टीमें बंगलादेश और घरेलू श्रीलंका हैं। इनमें से कोई एक फाइनल में पहुंचेगा जिसके साथ भारत कोलंबो के ही आर प्रेमदासा स्टेडियम में 18 मार्च को फाइनल खेलने उतरेगा।