सिंघू बार्डर पर बनी रहेंगी निहंग जत्थेबंदियां : वैश्विक बैठक के बाद ऐलान

नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल के पास एक किसान की नृशंस हत्या के बाद विवादों में घिरी निहंग जत्थेबंदियों ने सिंघु बॉर्डर न छोड़ कर जाने का गुरुवार ऐलान किया। निहंग जत्थेबंदियों ने दो दिन तक सम्मेलन और चर्चा के बाद यह फैसला किया है।

निहंग जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने सिंघु बॉर्डर पर गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में यह ऐलान करते हुए कहा कि विश्व भर से सिख समुदाय के लोगों ने उन्हें किसान आंदोलन को छोड़ कर न जाने की सलाह दी है।

निहंग बाबा राजा राम सिंह ने कहा कि पिछले दिनों हुए हादसे के बाद हमारे यहां से चले जाने की बातें होने लगी थी। इस पर अंतिम फैसले के लिए हमने 27 अक्टूबर को बैठक बुलाई थी, जिसमें हमें देश, विदेश से सभी समुदाय के लोगों का भरपूर समर्थन मिला। कुछ किसान नेताओं ने भी हमारा समर्थन किया है। संयुक्त मोर्चा की तरफ से भी हमारे पास लोग आए थे। चारों से मिले व्यापक समर्थन के बाद निहंग जत्थेबंदियों की ओर से किसान आंदोलन के साथ बने रहने का निर्णय लिया गया है।

बाबा राजा राम ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और निहंग जत्थेबंदियों के बीच समन्वय के लिए छह सदस्यीय समिति बनाए जाने पर भी सहमति बनी है, जिसमें तीन सदस्य तीन निहंग जत्थेबंदियों और तीन संयुक्त किसान मोर्चा से होंगे। वहीं भविष्य में जब भी कोई बात या शिकायत होगी तो यह छह सदस्यीय समन्वय समिति इसका हल निकालेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हादसे के बाद दो, तीन नेताओं ने कहा था कि निहंग सिंह यहां से चले जाएं, लेकिन हम न तो किसी नेता के कहने पर यहां आए हैं और न ही किसी के कहने पर जाएंगे। हम किसानों के लिए आए हैं। हमने कभी भी किसान नेताओं के काम में दखलांदाजी नहीं की। कृषि कानूनों के मुद्दे पर सरकार और उसके प्रतिनिधियों से बात करना उनका फर्ज है। हमारा काम किसान मोर्चे की रखवाली करना है। किसानों की ढाल बन कर खड़े रहना और हमने ऐसा किया है।

जत्थेदार बाबा कुलविंदर सिंह चमकौर साहिब निहंग जत्थेबंदी के सदस्य संतोख सिंह ने बताया कि निहंग जत्थेबंदियों की ओर से 10 सदस्यीय समिति बनाने का भी ऐलान किया गया है, जो पंजाब के सभी शहरों और गांवों में जाएगी और यह देखेगी कि वहां गुरु ग्रंथ साहिब की पहरेदारी की समुचित व्यवस्था है या नहीं। कहीं कमी पाए जाने पर उन्हें वहां से प्राप्त कर अमृतसर या अन्य उचित जगहों पर विराजमान किया जाएगा।