निसर्ग तूफान से तबाही, क्या साल 2020 श्राप ?

nisarga cyclone
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निसर्ग तूफान, पिछले कुछ महीने से प्राकृतिक आपदाएं जैसे भारत का इम्तेहान ले रही हैं ।‌ एक ओर जहां देश कोरोना महामारी से जंग लड़ रहा है दूसरी ओर यह तूफान भी भारत का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं लगातार देशवासियों को डरा रहे हैं, तबाही मचा रहे हैं उसके बावजूद भी हर भारतीय दमखम के साथ डटा हुआ है हर चुनौती को स्वीकार करने के लिए । अभी पिछले दिनों ही पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में आए अम्फान तूफान से देश उबर भी नहीं पाया था कि आज एक बार फिर से चक्रवाती तूफान निसर्ग ने देशभर को हिला कर रख दिया ।

सबसे ज्यादा इसका असर महाराष्ट्र के मुंबई और गुजरात के तटीय इलाकों में हुआ है । यह दोनों राज्यों के लोग पिछले 3 दिनों से इस भयंकर निसर्ग तूफान के भय से सहमे हुए थे । मुंबई में मंगलवार देर शाम 6 बजे से ही हल्की बारिश हो रही थी। यहां के ससून डॉक में तूफान आने से पहले समुद्र बहुत ही अशांत नजर आया। गौरतलब है कि 21 मई को अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई थी।

इसके दो हफ्ते बाद ही अब निसर्ग तूफान ने भी दस्तक दे दी है । हम आपको बता दें कि यह निसर्ग तूफान महाराष्ट्र में आने वाला अब तक सबसे बड़ा तूफान है । लेकिन एक बात तो सच है कि कोरोना वायरस के बाद भारत समेत दुनिया के कई देशों में भयंकर मुसीबत आती जा रही है । सही मायने में प्राकृतिक आपदाओं ने लोगों की बढ़ती रफ्तार को पूरी तरह से थाम दिया है, वहीं भारत में जिस प्रकार से प्राकृतिक आपदाओं का पहाड़ टूट पड़ा है उससे तो लगता है कि अभी देश को संभलने में काफी समय लगेगा, लेकिन फिर भी हमारे देशवासी हिम्मत हारने वाले नहीं हैं । जल्द ही भारत सभी प्राकृतिक आपदाओं को दूर करते हुए बार फिर से पटरी पर दौड़ता हुआ नजर आएगा ।‌

निसर्ग तूफान के आने से पहले सहमें रहे मुंबईकर

निसर्ग तूफान आने से मुंबईकर पिछले 3 दिनों से सहमें और डरे हुए रहे । हम आपको बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई वैसे ही कोरोना महामारी के आगे बेबस है । देश भर में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मामले मुंबई में ही है । कान फोड़ती हवाओं की आवाज, ऊफान मारता समुद्र का पानी और बारिश, महाराष्ट्र इस वक्त यह सब झेल रहा है। हालांकि आकलन इसका हालांकि इस तूफान ने महाराष्ट्र में कितनी तबाही मचाई इसका आकलन कुछ दिनों बाद होगा । इस तूफान का सबसे बड़ा असर मुंबई, रत्नागिरी, रायगढ़ जिले में हुआ है, यहां भारी तबाही हुई है ।‌ दूसरी और निसर्ग तूफान को लेकर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, अक्षय कुमार, अरशद वारसी कई क्रिकेट खिलाड़ी समेत कई फिल्मी सितारों ने निसर्ग तूफान को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी ।

इस तूफान को लेकर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र, गुजरात ने पहले से तैयारी कर ली थी । महाराष्ट्र में 21 और गुजरात 22 टीमें एनडीआरएफ की तैनात की गई हैं। नौसेना ने मुंबई में 5 फ्लड रेस्क्यू टीम और 3 गोताखोर टीम तैनात कर दी थी । दोनों राज्यों में एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा चुका है। इस तूफान ने वहां ज्यादा भारी तबाही मचाई है जो तटीय इलाके हैं । इस तूफान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है एक तो पहले ही महाराष्ट्र में कोरोना वायरस को नियंत्रण न कर पाने के आरोप लग रहे हैं दूसरी ओर अब इस निसर्ग ने उद्धव ठाकरे की परेशानी और बढ़ा दी है ।

महाराष्ट्र में 129 साल बाद ऐसे चक्रवर्ती तूफान ने दस्तक दी है

महाराष्ट्र में 129 साल पहले इतना भयंकर चक्रवाती तूफान आया था ।‌ 1891 के बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास समुद्री तूफान की स्थिति देखी गई । इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार इस तरह का डिप्रेशन बना था और तूफान आने की स्थिति बनी थी लेकिन बाद में स्थिति टल गई थी। मुंबई, गुजरात के तटीय इलाकों में समुद्री तूफान को लेकर तैयारियां कम होती हैं । लेकिन फिर भी पिछले कुछ वर्षोंं से जिस प्रकार से प्राकृतिक आपदाओं से भारत सामना मजबूती के साथ कर रहा है उसकी प्रशंंसा ही करनी होगी ।

इस तूफान से लड़ने के लिए महाराष्ट्र और गुजरात ने जिस प्रकार से तैयारी की है वह काबिले तारीफ है, वो भी तब जब महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्यों का प्रशासन कोरोना से लड़ रहा है। यहां आपको एक और जानकारी दे दें कि इस तूफान का निसर्ग नाम बांग्लादेश ने दिया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले तूफानों के नाम बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड देते हैं।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार