भाजपा बनाती थी नीतीश कुमार पर दबाव : संजय जायसवाल

पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद संजय जयसवाल ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा कर चुके नीतीश कुमार को आदतन विश्वासघाती करार देते हुए आज स्वीकार किया कि वह उन (कुमार) पर दबाव बनाते थे।

जायसवाल ने बुधवार को यहां पार्टी की ओर से गठबंधन तोड़ने को जनादेश का अपमान किए जाने को लेकर दिए जा रहे धरना से पूर्व बातचीत में कहा कि कुमार हमेशा ही विश्वासघात करते रहे हैं। भाजपा के साथ इस बार कुमार ने जो विश्वासघात किया है इसका जवाब उन्हें वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता देगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा बिहार में 40 में से 36 सीटें जीतेगी।

सांसद ने भाजपा के साथ रहकर सरकार चलाने में कुमार के दबाव महसूस करने के सवाल पर कहा कि हां, वह कुमार से जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों के मामले में सवाल करते थे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या जहरीली शराब से हो रही मौत पर सवाल करना और शराब माफिया पर नकेल कसने की बात करना भाजपा का दबाव था।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा कुमार को कहती थी शराबबंदी का उल्लंघन कर तस्करी करने वाले लोग राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कथित गुंडे हैं बावजूद इसके कुमार को भाजपा की यह बात खल जाती थी। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले राजद के गुंडों को गिरफ्तार करने की भाजपा की मांग को कैसे दबाव कहा जाएगा।

जायसवाल ने कहा कि बिहार में बढ़ते अपराध, लगातार हो रही हत्या, कई जघन्य वारदातों को लेकर हम कुमार से सवाल करते थे। उसे नियंत्रित करने के लिए कहते थे तो क्या यह दबाव बनाना था। उन्होंने कहा कि बिहार में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए कुमार को भाजपा नहीं कहती तो क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कहती।

सांसद ने कहा कि कुमार और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ही राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के मॉल घोटाले का दस्तावेज दिखाते थे। उन पर कार्रवाई करने की बात कहते थे लेकिन आज कुमार और सिंह उसी तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ चले गए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि कुमार ने बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किया है। कुमार और यादव आज एक दूसरे को साधने के लिए साथ आ गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार के कारण ही वर्ष 2020 में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जनता ने बड़ा समर्थन दिया था लेकिन नीतीश कुमार ने मोदी के नाम पर आए जनसमर्थन के साथ विश्वासघात किया।