राहुल गांधी तो तीर्थ यात्रा पर जाने को उतावले थे, क्यों नहीं जा रहे?

Rahul did not get any application for Kailash Mansarovar Yatra: Ministry of External Affairs

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि वे फ्री होते ही तीर्थ यात्रा पर जाने वाले हैं, चुनाव निपट भी गए लेकिन राहुल ने तीर्थ यात्रा वाले बयान पर चुप्पी साध ली।

इस बीच गृह मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से चीन स्थित कैलास मानसरोवर की तीर्थयात्रा के संबंध में उसे कोई औपचारिक पत्र या आवेदन नहीं मिला है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा कि हमारी कोई इच्छा किसी की किसी को कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने से रोकें। गांधी की ओर से चीन के तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र की यात्रा के लिए अभी तक कोई औपचारिक पत्र या आवेदन नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि कैलास मानसरोवर जाने के दो मार्ग हैं। पहला तरीका विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित यात्रा है जिसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण होता है और बाद में सार्वजनिक रूप से कंप्यूटर द्वारा ड्रा निकाला जाता है।

दूसरा तरीका निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा नेपाल मार्ग से यात्रा का है। उस मार्ग के लिए चीन का वीसा लेना होता है और उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमने चेक किया है और पाया है कि राहुल गांधी के नाम ओर से कोई पंजीकरण नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी कोई अलग से पत्र या आवेदन विदेश मंत्रालय को प्राप्त नहीं हुआ है।