अब और फिल्में नहीं, राजनीति में आने का फैसला अंतिम : कमल हासन

No more films for me says Kamal Haasan
No more films for me says Kamal Haasan

नई दिल्ली। फिल्मस्टार से नेता बने कमल हासन ने मंगलवार को कहा कि तमिलनाडु के लोगों के लिए राजनीति में आने का उनका फैसला अंतिम व अपरिवर्तनीय है। अब वह नई फिल्मों में नजर नहीं आएंगे।

अभिनेता से राजनेता बने हासन का मानना है कि हिंदू कट्टरवाद से खतरा है और वह इसके बारे में सिर्फ शिकायत नहीं करते रह सकते। कमल हासन अपनी पार्टी और इसके सिद्धांतों की इस महीने घोषणा कर सकते हैं।

बोस्टन में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में निजी समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार में हासन ने कहा कि आ रही दो फिल्मों के अलावा मेरे पास कोई और फिल्में नहीं होंगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह हारने के बाद भी राजनीति में बने रहेंगे, उन्होंने कहा कि मुझे ईमानदारी से जीविका के लिए कुछ करना होगा। लेकिन, मैं नहीं मानता कि मैं हारने जा रहा हूं।

कमल हासन ने कहा कि मैं एक राजनीतिज्ञ नहीं हो सकता हूं, लेकिन बीते 37 सालों से मैं समाज सेवा में रहा हूं। इन 37 सालों में हमने 10 लाख निष्ठावान कार्यकर्ता जुटाए हैं।

उन्होंने कहा कि वे मेरे साथ बीते 37 सालों से हैं। मेरे निर्देश पर उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को हमारे कल्याण आंदोलन में शामिल किया है, जिसमें करीब 250 वकील हैं। सभी स्वंयसेवक बनेंगे।

कमल हासन (63) ने कहा कि मैं ईमानदार हूं। मैं यहां अपने बैंक खाते में बढ़ोतरी करने नहीं आया हूं। मैं एक खुशहाल, लोकप्रिय व सेवानिवृत्त जीवन जी सकता हूं। मेरा राजनीति में आने का फैसला इसलिए है कि महज फिल्म अभिनेता के तौर पर मैं नहीं मरना चाहता। मैं लोगों की सेवा करते हुए मरना चाहूंगा और यही मैंने खुद से वादा किया है।

हासन ने कहा कि उनकी राजनीति का रंग ‘काला’ है और वह भगवा रंग को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति में काला रंग द्रविड़ टोन व डार्क स्किन को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि हम तमिलों के लिए यह सांस्कृतिक रूप से बुरा रंग नहीं है। उन्होंने साफ किया कि उनकी निश्चित रूप से भगवा रंग (भाजपा) के साथ जाने की योजना नहीं है।

उन्होंने कहा कि वैचारिक तौर पर मैं एक खास प्रकार के भारत में विश्वास रखता हूं। यह नया नहीं है। हम हमेशा से इसे मानते रहे हैं। इसने मेरे लिए अच्छा काम किया है। मैं एक ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जिसे बदलाव पसंद नहीं, लेकिन इस तरह एक ही सोच, एक ही संस्कृति जैसा नहीं।

हासन ने खुद को महात्मा गांधी व जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक बताया। हासन ने कहा कि यह देश अपनी विविधता में समाहित है, यही मेरा भारत है।