भाजपा के लिए संगठन चुनाव जीतने की मशीन नहीं : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी संगठन को सेवाभाव से देखते हैं न कि चुनाव जीतने की मशीन की तरह।

मोदी ने कोरोना संक्रमण के दौरान पार्टी की सात राज्य इकाइयों की ओर से किये गये सेवाकार्यों की प्रस्तुति को डिजिटल माध्यम से देखने के बाद कहा कि उनके लिये संगठन चुनाव जीतने की मशीन नहीं है। कुछ लोग संगठन को केवल चुनाव के दायरे में देखते हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के लिये राष्ट्र प्रथम है और संगठन सभी वर्गों के लोगों की समृद्धि और सामाजिक हित के लिएण् कार्य करता है। राष्ट्र प्रथम के भाव को तैयार करने में कई पीढ़ियां खप गईं जिसपर भाजपा को गर्व है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गरीबों के कल्याण और मदद के लिये समर्पित भाव से काम किया ऐसा सैंकड़ों सांसदों और हजारों विधायकों की मदद से हो सका।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के 52 दलित, 43 आदिवासी और 113 पिछड़े वर्ग के सांसद हैं। इसके अलावा देशभर में पार्टी के 150 आदिवासी विधायक हैं जिसके कारण पार्टी हर वर्ग से जुड़ी है और समाज के हर वर्ग का विश्वास उसे प्राप्त है।

उन्होंने ने कहा कि राजनीति का मूल स्वभाव स्पर्धा होती है लेकिन एक समान भाव से सेवा की भावना से संगठन शक्तिशाली होता है और इससे टीम भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं में सेवाभाव, संतुलन, समन्वय, संवाद, सकरात्मक सदभाव जैसे तत्व हैं।

मोदी ने कहा कि देश में सही समय पर लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया गया था और इसके बाद गरीबों को अन्न और रोजगार उपलब्ध कराने के लिये विशेष योजनाएं शुरू की गईं।

उन्होंने कहा कि जनसंघ से भाजपा तक का उद्देशय सेवाभाव से देश को सुखी और समृद्ध बनाना रहा है। वे लोग सेवा भाव के साथ राजनीति में आए हैें। सत्ता सेवा का माध्यम है। पार्टी ने कभी सत्ता को अपने लाभ का माध्यम नहीं बनाया।

मोदी ने कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों के बीच काम करते हुए मौत को गले लगाने वाले कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पार्टी को कोरोना संक्रमित काल में की गई सेवा का डिजिटल दस्तावेज तैयार करना चाहिए जिसे 15 सितंबर को जारी किया जाएगा।

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि लॉकडाउन के बाद सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की जिसकी विश्व बैंक ने भी सराहना की है।उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से चार हजार वीडियो कांफ्रेस किए गए हैं और ऑडियो ब्रिज के जरिए 70 लाख कार्यकर्ताओं से संपर्क किया गया है।

पांच करोड़ फेस कवर का वितरण किया गया है और 22 करोड़ फूड पैकेट बांटे गए हैं। इसके अलावा पांच करोड़ राशन किट भी दिया गया है। आज उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान के सेवाकार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया गया।