माउंट आबू में रंग-बिरंगे गुलाबों की खुशबू, मधुर संगीत के साथ 12 महीने बहेगा झरने में पानी

माउंट आबू में नक्की झील के परिक्रमा पथ पर बनाया गया झरना।
माउंट आबू में नक्की झील के परिक्रमा पथ पर बनाया गया झरना।

सबगुरु न्यूज-माउंट आबू। माउंट आबू की पहाड़ियों से अब जुलाई से सितंबर तक नहीं बल्कि 12 महीने झरना बहता मिलेगा। इसके अलावा पर्यटकों को नक्की परिक्रमा पथ पर बेलेज वाक के पास बनाये गए बगीचे में गुलाबों की खुशबू व परिक्रमा के साथ मधुर संगीत का भी आनन्द मिलेगा।

– परिक्रमा पथ पर तैयार किया झरना

प्राकृतिक खूबसूरती को अपनी यादों में संजोने के लिए नक्की झील के परिक्रमा पथ पर कृत्रिम झरना बनाया गया है। पर्यटकों के लिए प्रतिदिन शाम को ये झरना शुरू हो जाता है। गांधी उद्यान के पास से इसके लिए प्रवेश द्वार बनाया गया है। स्थानीय पार्षद सुनील आचार्य ने बताया कि दो साल पहले बनाये गए इस प्रोजेक्ट पर नगर परिषद बोर्ड ने अनवरत जारी रखा।

 

माउंट आबू में नक्की झील परिक्रमा पथ पर नक्की झील के नजारे के लिए बनाई गई हट में रखे मुड्ढ़े
माउंट आबू में नक्की झील परिक्रमा पथ पर नक्की झील के नजारे के लिए बनाई गई हट में रखे मुड्ढ़े।

-रंग- बिरंगे गुलाब उद्यान की हट से नक्की का नजारा

नक्की परिक्रमा पथ पर बरसों से उजाड़ पड़ी रघुनाथ मंदिर की भूमि को अब खूबसूरत उद्यान में बदल दिया गया है। इसमे के रंग के गुलाब लगाए गए हैं। इसके अलावा यहाँ एक हट भी बनाई गई है। इसमे मुड्ढ़े लगाए गए हैं। परिक्रमा पथ पर घूमने की थकान उतारने के लिए पर्यटक इसमे बैठ कर नक्की झील और आसपास की पहाड़ियों के नजारा भी कर सकते हैं।

– मोबाइल और इयरफोन बिना भी संगीत का आनन्द

कान में ईयरफोन लगाकर घूमने के शौकीन पर्यटक परिक्रमा पथ पर पर्यटक अब बिना मोबाइल के भी जा सकते हैं। इस परिक्रमा पथ पर रोशनी के लिए लगाये गए पोल्स पर कुछ दूरियों पर छोटे-छोटे लाउड स्पीकर भी लगाए गए हैं। इन पर सुबह और शाम हल्का मधुर संगीत बजट रहता है, जिसका नियंत्रण माउंट आबू नगर पालिका से है। इस परिक्रमा पथ पर की गई प्रकाश व्यवस्था के कारण समूह में रात को भी घूम सकते हैं।

-इनका कहना है…

परिक्रमा पथ रात को भी खुला रहता है। पैदल घूमने के शौकीन पर्यटक समूह में रात्रि में 11 बजे तक परिक्रमा पर जाते भी हैं।

सुरेश थिगर
नगर पालिका अध्यक्ष, माउंट आबू।