ओडिशा में अर्चना नाग हनी ट्रैप मामले की सीबीआई जांच की मांग

भुवनेश्वर। ओडिशा भाजपा महिला मोर्चा ने मंगलवार को अर्चना नाग हनी ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

ओडिशा भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्मृति पटनायक ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बीजू जनता दल इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है क्योंकि इसमें पार्टी के कई नेता और मंत्री शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से सत्तारूढ़ पार्टी के संरक्षण में प्रभावशाली लोगों को हनी ट्रैप और ब्लैकमेल करने का काम चल रहा है।

पुलिस ने 28 वर्षीय अर्चना नाग को प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे करोड़ों रुपए वसूल करने के आरोप में पिछले छह अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उसके घर से उसका मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव और कंप्यूटर भी जब्त किया गया था।

उड़िया फिल्म निर्माता ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि अर्चना ने धमकी दी है कि अगर उन्होंने उसे तीन करोड़ रुपए नहीं दिए तो उसके साथ एक लड़की की अश्लील तस्वीरों को वायरल करके उनके करियर और प्रतिष्ठा को खराब कर दिया जाएगा।

भाजपा नेता ने इस मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रभावशाली लोगों और नौकरशाहों के शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से पुलिस द्वारा जब्त किए गए गैजेट्स से प्राप्त बीजद नेताओं, मंत्रियों, पुलिस और नौकरशाहों की संलिप्तता के बारे में सभी जानकारी को सार्वजनिक करने की मांग की।

पटनायक ने बीजद के जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र साहू की आत्महत्या में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री समीर रंजन दास की कथित संलिप्तता की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। धर्मेंद्र साहू, पुरी जिला के गोपा ब्लॉक में जिला परिषद जोन 11 का प्रतिनिधित्व करते थे और उन्होंने 24 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। पटनायक ने राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से दोनों मामलों को सीबीआई को सौंपने की मांग की, जिससे इनकी निष्पक्ष जांच हो सके।