बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुख्यालय पहुंचे सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के एकबालपुर थाना में कथित गुंडों की ओर से हिंसा और तोड़फोड़ करने के बाद मोमिनपुर जाते समय प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने पर विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को लाल बाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय का दौरा किया।

अधिकारी ने लाल बाजार जाने से पहले अपनी पोस्ट में लिखा कि मोमिनपुर की शर्मनाक हिंसा पर पर्दा डालने के लिए (मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी के अधिकारियों ने कोलकाता पुलिस को आदेश दिया है कि वह मोमिनपुर के रास्ते में चिंगरीघाटा (ईएम बाइपास) से बंगाल भाजपा के अध्यक्ष डा. सुकांत मजूमदार को गिरफ्तार करे। अधिकारी बाद में लाल बाजार में (मध्य कोलकाता) कोलकाता पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर उनसे मिलने का इंतजार कर रहे थे।

नंदीग्राम विधायक ने मोमिनपुर क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र बलों को तत्काल तैनात किए जाने और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत सभी बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग भी की। उन्होंने मोमिनपुर हिंसा की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की भी मांग की, जहां बमों का कथित तौर पर बेतरतीब ढंग से इस्तेमाल किया गया था।

लाल बाजार पहुंचने से पहले अधिकारी ने इस मांग के साथ राजभवन का दौरा किया कि राज्यपाल को राज्य सरकार को बुलाने के लिए अपनी विशेष शक्ति का उपयोग करना चाहिए। साथ ही दक्षिण कोलकाता के मोमिनपुर में केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्देश भी दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि मजूमदार और राज्य के अन्य भाजपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। मजूमदार हिंसक इलाके की ओर जा रहे थे कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया और गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के राज्यपाल ला गणेशन को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले दक्षिण कोलकाता में मोमिनपुर हिंसा और एकबलपुर थाना में तोड़फोड़ के मद्देनजर केंद्रीय बलों को तत्काल तैनात किया जाए।

अधिकारी ने रविवार को मोमिनपुर इलाके में कथित हिंसक झड़पों के कुछ घंटों बाद लिखा कि लोगों ने पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की तथा इलाके के एकबलपुर थाना को घेर लिया। उन्होंने शाह को लिखा कि एकबालपुर थाना पर गुंडों ने कब्जा कर लिया है। ममता बनर्जी की पुलिस ने डर के कारण कुछ समय के लिए स्टेशन छोड़ दिया। सीपी (पुलिस आयुक्त) काम पर नहीं है, कृपया सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती सुनिश्चित करें। कृपया हस्तक्षेप करें। सूत्रों ने बताया कि इन घटनाओं को लेकर पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।