अजमेर में लगता है 3 घंटे के लिए अनूठा हाट बाजार

अजमेर। अजमेर सिटी में एक अनोखा हाट बाजार लगता है, इस बाजार की खासियत यह है कि यहां न तो माल बेचने वाले अधिक होते हैं और न ही खरीदार। महज तीन घंटे में सारा सौदा बिक जाता है और फिर छा जाता है सन्नाटा।

हर रविवार को यह हाट बाजार शास्त्री नगर स्थित कनक गार्डन में लगता है। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक यहां आर्गेनिक खाद्य पदार्थ की स्टालें लगती हैं। इनमें सब्जी, आचार, शहद, मुरब्बा, मसाले समेत कई तरह के आम जरूरत वाले आइटम मिलते हैं।

अजमेर में जैविक व प्रकृति प्रदत्त इन खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री की पहल ऋषि श्रृंग संस्थान की ओर से की गई थी। देखते ही देखते इसने हाट बाजार का रूप ले लिया।

संस्थान प्रमुख ने बताया कि 21वीं सदी में जहां समय और जीवन मूल्यवान है। इसी के मद्देनजर रसोई तक 100 फीसदी शुद्ध उत्पाद पहुंचाना है। इन उत्पाद को ग्रहिणियां बिना संकोच प्रयोग में लेती हैं। कुशल ग्रामीण समूह के द्वारा उत्पादों की सफाई, कुटाई, पैकिंग व रखरखाव फार्म पर ही किया जाता है।

जैविक तथा प्रकृति आहार की सबसे बडी खासियत यह होती है कि इनमें उच्च मात्रा में एन्टीओसीडेंट व माइक्रोन्यूट्रेंट होते हैं। जिनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, जिंक व आयरन होते हैं। इन जैव उत्पादों में बाजार में मिलने वाले उत्पादों की तुलना में ये तत्व 60 प्रतिशत अधिक होते हैं। इन जैव उत्पादों को तैयार करने के दौरान किसी तरह के कैमिकल व पेस्टीसाइड अथवा रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया जाता।

इन जैविक उत्पादों की बिक्री

देसी गया का बिनौला घी, छोटी मक्खी द्वारा तैयार शह, आंवला मुरब्बा, अचार, पाचक चूर्ण, केश मेहंदी, नमकीन व मीठा नींबू अचार, सब्जियां, जैविक खाद आदि।

इन प्राकृतिक उत्पादों बिक्री

घाणी का मूंगफली तेल, घाणी का तिल्ली तेल, मसाले, बेसन, गेहूं, दलिया, मिस्सा आटा, कैर सांगरी खूम मिश्रित पचकुटा, जीरा, सौंफ, राई, अजवाइन, काला नमक, सैंधा नमक आदि।