UP में फर्जी रायल्टी पेपर जारी कर 200 करोड़ से अधिक की राजस्व की चपत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खनन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर वाहनों के फर्जी ई-रवन्ना (रायल्टी पेपर) जारी कर 200 करोड़ से अधिक की राजस्व क्षति पहुंचाने वाले गिरोह के सरगना को साइबर क्राइम पुलिस ने गाजीपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) रोहन पी कनय ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फर्जी वेबसाइट बनाकर हजारों ट्रकों से अवैध तरीकें से बालू,मोरंग व गिट्टी की निकासी किए जाने के सिलसिले में कल साइबर थाने में धारा 420,467,468,471 भादवि व 66,66सी आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत कराया गया था। उन्होंने बताया कि इस अपराध को गम्भीरता से लेते हुए एक टीम गठित की गई एवं तकनीकी संसाधनों के प्रयोग एवं सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए अभिसूचना संकलन की कार्रवाई शुरु की गई।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में रविवार शाम सूचना मिली कि,महोबा, झांसी, बांदा एवं राज्य के अन्य जिलों में अवैध बालू, मोरंग, गिट्टी के खनन एवं परिवहन के फर्जी पेपर तैयार करने वाले गिरोह का सरगना लखनऊ में मौजूद है। इस सूचना पर साइबर क्राइम की टीम ने गाजीपुर इलाके में पाॅलीटेक्निक चौराहे के पास से कल शाम उसे गिरफ्तार कर लिया जबकि उसके कार सवार अन्य साथी भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहें।

कनय ने बताया कि गिरफ्तार गिरोह सरगना ने पूछताछ में बताया कि उसने 2017 में खनन खनन विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी ई-रवन्ना बनाकर उसमें ट्रक नम्बर एवं ड्राइवर का नाम एवं फोन नम्बर डालकर असली रायल्टी पेपर के समान फर्जी ई-रवन्ना तैयार कर धंधा शुरु किया था,लेकिन कुछ दिन बाद वह फर्जी वेबसाइट का पता चलने पर उसने धंधा बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार गिरोह सरगना के साथी देश अलग-अलग राज्यो में होने की जानकारी मिली हैं।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सरगना ने करीब दस माह पहले दोबारा वेसाइट बनाई और खनन विभाग की सरकारी वेबसाइट की नकली वेबसाइट अपने पते पर बनाई। उसने अपनी वेवसाइट में सरकारी वेबसाइट से एक डॉट हटा दिया, उसके बाद जो भी ट्रक चालक खनन विभाग को फोन कर अपना नाम और गाड़ी का नम्बर बताकर सरकारी वेबसाइट पर संपर्क करता उसी समय फर्जी साइट पर भी पूरा डाटा लिंक हो जाता था। सरकारी वेबसाइट से मात्र एक टाड हटाने पर उसने यह गौरख धंधा किया।

कनय ने बताया कि यह गिरोह अपनी वेबसाइट पर फर्जी रायल्टी पेपर तैयार कर लेता था और भिन्न-विभिन्न मार्गो से ट्रकों में मोरंग,गिट्टी भरवाकर पास कराते थे। एक गाड़ी की रायल्टी बनाने में 10 से 15 हजार रूपये ट्रक ड्राइवर से वसूलते थे। ट्रको से मोटी कमाई की रकम सभी आपस में बाॅंट लेते थे। उन्होंने बताया कि पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।