पाकिस्तान में तेल, घी, चीनी और कारों समेत कई अन्य के शुल्क में भारी वृद्धि

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इमरान खान के पहले बजट में करों में वृद्धि प्रस्ताव से खाने का तेल, घी, चीनी, सिगरेट, सीमेंट, कार, सोना और चांदी आदि के महंगा होने की संभावना है।

पिछले साल सत्ता में आई इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने मंगलवार को अपना पहला बजट पेश किया। वर्ष 2019-20 के लिए सरकार का यह बजट एक जुलाई से प्रभावी होगा। राजस्व राज्य मंत्री हम्माद ने 7022 अरब रुपए का बजट पेश करते हुए कई जिंसों और सामानों के साथ सीएनजी और एलएलजी पर भी कर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और लोग महंगाई से त्रस्त हैं। बजट प्रस्तावों में चीनी पर कर बढ़ाए जाने से इसकी कीमतें साढ़े तीन रुपए प्रति किलो महंगी हो सकती है। चीनी पर बिक्री कर आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। खाने के तेल, घी, जूस और शीतल पेय भी 17 प्रतिशत के कर दायरे में लाए गए हैं। बजट में दूध, क्रीम और पाऊडर दूध पर दस प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव है।

चिकन, गोश्त और मछली उत्पादों पर भी 17 प्रतिशत बिक्री कर लगाने का प्रस्ताव है। एक हजार सीसी तक के वाहनों पर ढाई प्रतिशत कर, 1001 से 2000 सीसी के वाहनों पर पांच प्रतिशत और 2000 सीसी के वाहनों पर साढ़े सात प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

पाकिस्तान सरकार ने क्षेत्र एक के लिए सीएनजी का दाम 64.80 रुपए से बढ़ाकर 74.04 प्रति किलो जबकि क्षेत्र दो के लिए इसे 57.69 से बढ़ाकर 69.57 रुपए प्रति किलो किया गया है।

एलएनजी के आयात पर संघीय उतपाद शुल्क में दस रुपए प्रति किलो एमएमसीएफडी की बढ़ोतरी की गई है। मार्बल उद्योग पर 17 प्रतिशत कर लगाने के साथ ही सीमेंट पर संघीय उत्पाद शुल्क डेढ़ रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर दो रुपए प्रति किलो किया गया है। सिगरेट के ऊपरी स्लेब पर शुल्क को 4500 रुपए से बढ़ाकर 5200 रुपए प्रति एक हजार सिगरेट किया गया है।

बजट में हालांकि कई सामानों पर कर घटाया भी गया है। मोबाइल फोनों के आयात पर तीन प्रतिशत के मूल्यवर्धित शुल्क को कम कर दिया गया। अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों को निर्यात शून्य शुल्क दायरे में रखने का प्रस्ताव है।