पाकिस्तान के गृहमंत्री एहसान इकबाल को मारी गोली, हमलावर अरेस्ट

pakistan interior minister ahsan iqbal injured after being shot in narowal

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के गृह मंत्री अहसन इकबाल पर पंजाब प्रांत में रविवार को एक रैली के बाद जानलेवा हमला किया गया। हमलावर ने 30-बोर की पिस्तौल से उन्हें गोली मारी जो उनके दायें कंधे पर लगी।

डॉन न्यूज ने अपनी खबर में पुलिस के हवाले से बताया कि वह नरोवल कंजरूर तहसील में एक रैली को संबोधित करने के बाद वहां से बाहर निकल रहे थे जब यह घटना हुई। वह मूल रूप से नरोवल के रहने वाले हैं।

प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने हमले की निंदा करते हुए पंजाब प्रांत के शीर्ष अधिकारियों से घटना को लेकर तत्काल रिपोर्ट देने को कहा। पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने इसे हत्या की कोशिश की घटना बताया। इकबाल के बेटे ने कहा कि उनके पिता खतरे से बाहर है।

पुलिस ने बताया कि हमलावर दोबारा गोली चलाने वाला था लेकिन उससे पहले उसे पकड़ लिया गया। शरीफ ने कहा कि उनसे अभी अभी बात की और उनका हौसला बुलंद है। उन्होंने कहा कि ‘इस जघन्य कृत्य में संलिप्त लोगों को सजा दी जाएगी। पीएमएल-एन को डराया नहीं जा सकता। मैं व्यक्तिगत रूप से जांच की देखरेख कर रहा हूं।

पंजाब सरकार के प्रवक्ता मलिक अहमद खान ने हमले की और हमलावर को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री की हालत स्थिर है लेकिन उन्हें लाहौर लाया जा रहा है। खान ने कहा कि पुलिस हमले की जांच कर रही है और हमें पता चल जाएगा कि वह (हमलावर) मंत्री के इतने करीब कैसे पहुंचा।

हमलावर की शुरूआती पहचान आबिद हुसैन के रूप में हुई है और उसकी उम्र 20 से 22 साल के बीच है। बताया जा रहा है कि वह नरोवल का रहने वाला है। पंजाब प्रांतीय सभा के सदस्य राणा मनान ने बताया कि इकबाल अपने वाहन में बैठने वाले थे जब हमलावर ने उनपर गोली चलायी।

इकबाल सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज(पीएमएल-एन) पार्टी के वरिष्ठ सदस्य हैं और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भी करीबी हैं। वह सरकार और पीएमएल-एन पार्टी के सबसे कद्दावर नेताओं में शामिल हैं।

सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार इकबाल ईसाई समूह की एक बैठक में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। हालांकि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कई अन्य अल्पसंख्यक समूह भी हैं।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि अभी हमले की मंशा का पता नहीं चल सका है। हमलावर से पूछताछ के बाद ही हमले की मंशा का खुलासा हो सकेगा।

पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादी हमले की घटना में तेजी से कमी आई है लेकिन इस्लामिक आतंकवादी संगठन से खतरा बना हुआ है जो हमले जारी रखे हुए हैं।