इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम फैसले में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान को अगले 48 घंटों में बेहतर इलाज के लिए इस्लामाबाद के एक अस्पताल में भेजने का आदेश दिया है।
पूर्व प्रधानमंत्री खान की पार्टी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी। इसमें बताया गया है कि अदालत ने खान की गिरती सेहत को लेकर दायर याचिका पर यह निर्देश दिया। अदालत ने अस्पताल में विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। इस बोर्ड में इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही न्यायालय ने जेल अधिकारियों को उनके परिजनों से साप्ताहिक मुलाकात सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
अदालत के इस फैसले का स्वागत करते हुए पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि इस ऐतिहासिक आदेश से राहत की किरण दिखी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि खान साहब की सेहत सबसे पहले है और उन्हें शिफा अस्पताल भेजा जाए। मेडिकल बोर्ड में उनके निजी चिकित्सक और परिजनों को शामिल करने का निर्देश हमारे लिए एक बड़ा आश्वासन है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल खान आफरीदी ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंसाफ की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इमरान खान देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। अदालत का यह फैसला स्वागत योग्य है, हालांकि 9 अप्रैल 2022 से अब तक हुई नाइंसाफी को मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन हम संवैधानिक अधिकारों और पूर्ण न्याय की मांग जारी रखेंगे।
इमरान खान की बहन अलीमा खान ने इस फैसले पर बेहद भावुक होते हुए कहा कि हम इंसाफ की उम्मीद लगभग खो चुके थे, केवल अल्लाह पर भरोसा था। आज अदालत ने अस्पताल में खान साहब के संपूर्ण चेक-अप का आदेश दिया गया इसके लिए हम अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2023 से जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के स्वास्थ्य और विशेषकर उनकी आंख को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद पार्टी समर्थकों और उनके परिवार ने राहत की सांस ली है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान के निधन की भी खूब अफवाहें उड़ती रहती हैं और अदालत के इस आदेश के बाद इन सब पर रोक लग गयी है।



