पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइल के अस्तित्व को बताया अवैध

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इस्लामाबाद। सऊदी अरब और तुर्की के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के अगले ही दिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने इजरायल को ‘पूरे मुस्लिम जगत के लिए खतरा बताते हुए उसके खिलाफ ‘एकजुट सैन्य मोर्चा’ बनाने का आह्वान किया।

स्थानीय मीडिया से बातचीत में आसिफ ने कहा कि इजराइल के मुद्दे पर सभी मुस्लिम देशों को एकजुट होना ही होगा, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है। इजराइल को अवैध देश करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि इजराइल बाल्फोर घोषणापत्र की देन है, जिसे 1940 के दशक में एक अवैध राष्ट्र के रूप में स्थापित किया गया था। यह क्षेत्र के किसी भी देश के लिए सीधा खतरा बन सकता है।

गौरतलब है कि 1917 में बाल्फोर घोषणापत्र जारी होने के समय इस क्षेत्र का आधिकारिक नाम फिलिस्तीन था। यह तब तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य के अधीन था। ब्रिटिश सरकार ने इसी क्षेत्र में यहूदियों के लिए एक राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था, जिसके तीन दशक बाद 1948 में इजराइल देश की नींव पड़ी।

अतीत में भी इजराइल को पाकिस्तान मानवता के लिए अभिशाप और कैंसर जैसा देश बता चुके आसिफ ने कहा कि 27 अक्टूबर को होने वाले चुनावों में अगर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हार भी जाते हैं, तब भी इजराइल के अस्तित्व के खिलाफ उनका कड़ा विरोध नहीं बदलेगा।

आसिफ ने कहा कि इजराइल में सत्ता में चाहे कोई भी आए, चाहे पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट हों या कोई अन्य नेता-उनके रवैये में फर्क केवल नाममात्र का होगा।

उन्होंने दावा किया कि फिलिस्तीनियों के प्रति उनका नजरिया और उनकी इस्लाम-विरोधी मानसिकता खत्म नहीं होगी। वे मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़काते रहते हैं। जब तक फिलिस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस्लामी दुनिया को उनके खिलाफ एकजुट खड़े रहना होगा।