महिलाओं के लिए गंदा कमेंट पडा भारी, पांड्या-राहुल पर 20-20 लाख जुर्माना

Pandya, Rahul fined Rs 20 lakh each for making sexist comments on koffee with karan

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल पर ‘कॉफी विद करण’ शो पर महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में 20-20 लाख रूपए का जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के ओम्बड्समैन न्यायाधीश डीके जैन ने शनिवार को दोनों क्रिकेटरों को एक टीवी शो पर महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दंडित किया है और उन पर जुर्माना लगाया है। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस निर्देश को प्रकाशित किया गया है।

न्यायाधीश जैन ने अपने निर्देश के साथ ही लिखा कि दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दोनों पहले ही इस टिप्पणी के लिए अस्थायी निलंबन झेल चुके हैं और उन्होंने इसके लिए लिखित माफी भी मांगी थी।

पांड्या और राहुल को 20-20 लाख रूपए के जुर्माने की राशि के अतिरिक्त अर्धसैनिक बल के 10-10 सिपाहियों की विधवाओं को ‘भारत के वीर’ एप्लिकेशन के जरिये एक एक लाख रूपए की मदद भी देनी होगी। दोनों खिलाड़ियों को दृष्टिहीन क्रिकेट के विकास के लिए बनाए गए दृष्टिहीन क्रिकेट संघ को भी 10-10 लाख रूपए की राशि दान करनी होगी।

भारत की आईसीसी विश्वकप टीम में शामिल किए गए दोनों भारतीय खिलाड़ियों को चार सप्ताह के भीतर यह राशि दान करनी होगी। सर्वाेच्च अदालत द्वारा नियुक्त न्यायाधीश जैन ने पांड्या और राहुल को इस मामले की सुनवाई के लिए इस माह की शुरूआत में पेश होने के भी निर्देश दिए थे।

गौरतलब है कि भारतीय ऑलराउंडर और सलामी बल्लेबाज़ ने कॉफी विद करण शो पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं जिसके बाद उनकी चौतरफा आलोचना हुई थी। इसके लिए प्रशासकों की समिति (सीओए) ने मामले पर संज्ञान लेते हुये उनपर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन बाद में इस बैन को हटा दिया गया था।

यह विवादास्पद एपिसोड जनवरी के पहले सप्ताह में प्रसारित हुआ था जिसके लिये दोनों खिलाड़ियों को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस कारण से दोनों को आस्ट्रेलिया दौरे से बीच में ही वापिस लौटना पड़ा था और सीओए ने उनपर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था।

पांड्या और राहुल ने इसके लिए लिखित माफी मांगी थी। सीओए ने न्यायाधीश जैन के ओम्बड्समैन नियुक्त होने के बाद उन्हें इस मामले की सुनवाई सौंप दी थी।