चिराग पासवान ने कहा जब उनके पिता आईसीयू में थे तब चाचा पारस साजिश रच रहे थे

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पटना। लोक जनशक्ति पार्टी में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच बिहार के जमुई से पार्टी के सांसद चिराग पासवान ने अपने चाचा एवं हाजीपुर से सांसद पशुपति कुमार पारस पर आरोप लगाया कि उनके पिता रामविलास पासवान जब आईसीयू में भर्ती थे तब भी वह (पारस) साजिश रच रहे थे।

पासवान ने मंगलवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्वीट कर कहा कि उन्होंने पार्टी को अपने परिवार के साथ रखने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। उन्होंने इसके साथ ही चाचा पारस को 29 मार्च 2021 को लिखे गए पत्र को भी सार्वजनिक किया है। पत्र के अनुसार उनके पिता रामविलास पासवान जब आईसीयू में भर्ती थे तभी पारस साजिश रच रहे थे। पासवान के निधन के बाद श्राद्ध के लिए भी उनकी मां रीना पासवान को 25 लाख रुपए देने पड़े थे और पारस ने अपने पास से एक चवन्नी तक नहीं निकाली।

सांसद पासवान ने होली के दिन यह पत्र लिखा था। पत्र की शुरुआत में उन्होंने लिखा है कि यह पहली होली है जब पापा (रामविलास पासवान) ही नहीं बल्कि परिवार भी साथ नहीं है। उन्होंने लिखा कि पत्र लिखने के बजाय वह अपने चाचा (पारस) से मिलकर बात करना चाहते थे लेकिन उन्होंने बात करने तक से इंकार कर दिया। पार्टी के प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक और सूरज भान सिंह ने भी बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन चाचा नहीं माने। लिहाजा मजबूरी में पत्र लिखना पड़ा।

पासवान ने लिखा है कि उनके छोटे चाचा रामचंद्र पासवान के निधन के बाद से ही पारस बदल गए। छोटे चाचा के निधन के बाद जब उनके पुत्र प्रिंस राज को सांसद बनाकर पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तब श्री पारस ने जमकर विरोध किया। राज को औपचारिक बधाई तक नहीं दी। जिस दिन पार्टी की कमान उन्हें सौंपी गई उसके बाद पारस उनके घर पर आना जाना कम कर दिया।

सांसद पासवान ने लिखा कि लोजपा संस्थापक उनके पिता ने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ छोड़ने को कहा था लेकिन उस समय भी वह (पारस) साजिश रच रहे थे। जब पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरी तो पारस मुख्यमंत्री कुमार के पक्ष में सार्वजनिक बयान दे रहे थे। पूरे चुनाव प्रचार में एक बार भी उन्होंने न कहीं प्रचार किया और न हीं कोई मदद ही की।

पत्र में चिराग पासवान ने विस्तार से लिखा है कि कैसे श्री पारस ने कभी पार्टी संगठन के लिए कोई सलाह नहीं दी । पत्र में उन्होंने पारस से गुहार लगाई थी कि यदि उनकी कोई गलती है तो सजा दें लेकिन मां और परिवार को सजा नहीं दें। पार्टी और परिवार के लिए वह वही जिम्मेदारी निभाए जो उनके पापा रामविलास पासवान निभाते थे।

पासवान ने ट्विटर पर लिखा है कि पार्टी मां के समान है और पारस को मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों को धन्यवाद देते हैं।