जो कभी बादलों की गरज से डर कर, लिपट जाती थी मुझ से..

pati patni jokes july 2019
pati patni jokes july 2019

ना मैं चुनाव लड़ रही हूँ,
ना मेरा पति,
हम दोनो
आपस में ही लड़ के ख़ुश हैं…
एक भारतीय नारी


कुछ लोग धर्म के नाम पर लड़ते हैं,
कुछ धन के नाम पर
तो कुछ जाति के नाम पर..
सिर्फ पति-पत्नी ही हैं जो
निस्वार्थ भाव से बेवजह लड़ते हैं।


पत्नी ने पति को msg किया :- ऑफिस से लौटते समय सब्ज़ी लेते आना । और हाँ, सविता ने तुम्हारे लिये hello कहा है ।
Husband:- कौन सविता ?

Wife:- कोई नही। मैने केवल इसलिए msg के अंत मे एक नाम लिखा ताकि मैं sure हो सकूँ कि तुमने मेरा पूरा msg पढ़ा


एक दोस्त ने पूछा :- क्या है, परिवर्तन की परिभाषा..?
दूसरा :- जो कभी बादलों की गरज से डर कर, लिपट जाती थी मुझ से..
आज वह खुद बादलों से भी ज्यादा गरजती है!


आधी रात को…बेडरूम का टेलिफोन बजा,
पति (पत्नी से)- कोई मेरे बारे में पूछे तो कह देना मैं घर पर नहीं हूँ !
पत्नी (फोन उठा कर)- मेरे पति घर पर ही हैं, कह कर फोन काट दिया !
पति (चिढ़ते हुए)- मैंने कहा था न कोई मेरे बारे में पूछे तो कहना मेैं घर पर नहीं हूँ ?
पत्नी (तिलमिलाते हुए)- सो जाओ चुपचाप, हर बार जरूरी नहीं की तुम्हारा ही फोन हो !