सोशल मीडिया पर त्रिवेन्द्र के निधन की अफवाह से सनसनी फैली

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निधन की झूठी खबर सोशल मीडिया पर फैलने से राज्य में सनसनी फैल गई। पूरी तरह स्वस्थ मुख्यमंत्री के बारे में इस तरह की अफवाह फैलाने वाले की तलाश शुरू हो गई है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक खुमार ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक देहरादून को मामला दर्ज कर, दोषी को गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी।

झूठी खबर के संदर्भ में पिथौरागढ में मामला दर्ज

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की मृत्यृ को लेकर फेसबुक पर फैलाई गई अभद्र व झूठी खबर के मामले में बुधवार को पिथौरागढ़ में भी दिनभर हलचल रही और देर शाम को एक आरोपी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। आरोपी नरेन्द्र मेहता को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

आरोपी नरेन्द्र मेहता पुत्र स्व महेन्द्र मेहता की ओर से फेसबुक पर उनकी मृत्यु को लेकर झूठी खबर फैलाई गई। इस अफवाह के बाद राजनीतिक हलकों में दिनभर ऊहापोह की स्थिति रही। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।

इसके बाद देहरादून के भाजपा महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट की ओर से कैंट थाने में पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बताया जाता है कि इनमें पंकज ढौंडियाल, नरेन्द्र मेहता, नवीन भट्ट, शरद कैंतुरा व कुलदीप पंवार व अन्य के नाम शामिल थे। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया कि सुनियोजित साजिश के तहत यह अफवाह फैलाई गई। इसे मुख्यमंत्री व सरकार के कामों के खिलाफ साजिश करार दिया गया।

इस मामले की जांच के बाद तार पिथौरागढ़ तक पहुंच गए। पिथौरागढ के मंडल अध्यक्ष की ओर से देर शाम तक एक शिकायती पत्र राजस्व पुलिस को सौंपा गया। इसके बाद आरोपी नरेन्द्र मेहता के खिलाफ बडगिरी पट्टी में मामला दर्ज किया गया है। यह क्षेत्र राजस्व पुलिस के अंतर्गत आता है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पिथौरागढ़ के गणाई तहसील के बडगिरी पट्टी के बनकोट गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 500, 505 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

आरोप है कि नरेन्द्र मेहता ने 5 मई को फेसबुक पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की मौत की खबर को वायरल की है। पता चला है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर देर सायं तक गहमागहमी रही। कोई शिकायती पत्र न मिलने के कारण आरोपी के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं की जा सकी।

अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब इस मामले में गुरूवार को आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है। इस मामले में गंगोलीहाट के उपजिलाधिकारी डा सौरभ से संपर्क साधा गया लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण संम्पर्क नहीं हो पाया।

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