अन्य राज्यों से घर लौट रहे लोगों से अपने ही बनाने लगे हैं दूरी

People have started making their own distance from people returning home from other states
People have started making their own distance from people returning home from other states

सबगुरु न्यूज। कोरोना ने देश में कई घटनाओं को नया रूप दे दिया है। इस महामारी का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि लोग अपनों से ही दूरी बनाने लगे हैं। मुंबई, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और अन्य शहरों से अपने घर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड लौट रहे लोगों से ही अपने लोग पराया जैसा व्यवहार करने लगे हैं। यह प्रवासी कामगार भूखे, प्यासे, ट्रेनों और बसों और पैदल कई दिनों के चलने के बाद थके हारे आखिरकार अपने घरों को पहुंच रहे हैं। इन प्रवासियों के राज्यों, गली-मोहल्लों और घरों के लोग ही संक्रमण फैलने के खौफ से दूरी बनाने लगे हैं। हम आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से बाहरी राज्यों से लाखों की संख्या में मजदूर अपने राज्यों को निकल पड़े हैं।

इन लोगों ने कभी सोचा भी नहीं था कि हमसे इतना बुरा बर्ताव किया जाएगा। देश के हरेक राज्य और जनपद, गांव तक इस बीमारी की दहशत लोगों के दिलों दिमाग में इतनी अधिक बैठ गई है कि अब लोग अपने घरवालों पर ही भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, साथ ही इन परदेसियों से पुलिस प्रशासन भी बहुत ही सख्ती से पेश आ रही है। पुलिस बाहरी राज्यों से आए लोगों को सीधे क्वॉरेंटाइन सेंटरों के लिए भेजने में लगी हुई है। लोगों का अपने घर वाले और पड़ोसियों से ऐसा व्यवहार करने का सबसे बड़ा कारण यह है कि पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना वायरस के आंकड़ों में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है। लोग एक दूसरे से मिलने के लिए डरे और सहमे हुए हैं।

लॉकडाउन और आर्थिक परेशानी की वजह से लौट रहे हैं प्रवासी

कोरोना वायरस ने इन दिनों पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है। हर छोटा-बड़ा देश कोरोना की मार झेल रहा है. ऐसे में कई देशों में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। भारत में भी कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए लॉकडाउन जारी है । लेकिन, इन सबके बीच सबसे ज्यादा परेशानी में हैं प्रवासी मजदूर, जो अपने घर-परिवार से दूर अन्य राज्यों में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। लॉकडाउन के बीच बढ़ती आर्थिक परेशानियों के बीच अब ये प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर की तरफ रुख कर रहे हैं। जिससे इन पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है।

दरअसल, सैकड़ों मजदूर इकट्ठा होकर अपने-अपने राज्यों के लिए निकल रहे हैं। कुछ श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन के जरिए तो कुछ पैदल यात्रा कर अपने गांव-घर पहुंच रहे हैं। यह मजदूरों और कामगारों का अपने घरों को लौटने का सिलसिला अभी कितना लंबा चलेगा कोई नहीं जानता है, लेकिन यह मजदूर जिस हाल में लौट रहे हैं शायद यह देश की सबसे भयानक तस्वीर होगी। इन मजदूरों के जेहन में पिछले दो महीने से भूखे, प्यासे और बेकारी का दर्द शायद ताउम्र नहीं भूलेगा।

प्रवासी लोगों का कोरोना पॉजिटिव मिलना भी बड़ा कारण माना जा रहा है

मरीजों की संख्या में तेजी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि प्रवासियों के कारण भी कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। कई ग्रीन जोन इलाकों में अब प्रवासियों के लौटने के बाद ‘रेड अलर्ट’ है। क्योंकि दूसरे राज्यों से लौटने वाले सैकड़ों लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों इन राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या और बढ़ रही है। दूसरे राज्यों से बिहार लौट रहे लोगों में कई कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के मुताबिक, पिछले 4 दिनों में बिहार में 400 से ज्यादा कोविड-19 पॉजिटिव मामले आए हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार पहुंचने वाला करीब हर चौथा शख्स कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है। अब तक लगभग साढ़े चार लाख प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है। लेकिन उनमें से मात्र 8337 के नमूमों की जांच में 651 पॉजिटिव पाए गये हैं। इंदौर और उज्जैन जिले को राज्य सरकार ने रेड जोन घोषित किया है बाकी सभी जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। राज्य में ऑरेंज जोन को खत्म कर दिया गया है। लेकिन जैसे-जैसे राज्य में प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं यहां कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका गहराती जा रही है

प्रवासियों के लौटने के बाद इन राज्यों में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड जैसे राज्यों में प्रवासियों के लौटने के बाद वहां कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजस्थान में भी जैसे-जैसे प्रवासियों का आना बढ़ रहा है वहां कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य आने के लिए करीब 14 लाख प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक अब तक करीब 3 लाख प्रवासी राज्य पहुंचे हैं। राज्य के जालोर-सिरोही, बारा, बाड़मेर और राजसमंद जिले ग्रीन जोन में थे लेकिन इन जिलों को लौटे कई प्रवासी मजूदर कोरोना से पीड़ित पाए गए हैं। राज्य के 22 जिलों में प्रवासियों के कारण कोरोना के मामले बढ़े हैं। ऐसे ही उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ने लगी है।

उत्तराखंड में प्रवासियों के वापस आने से कोविड-19 के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यहां कहा कि राज्य में जब से प्रवासियों का लौटना शुरू हुआ है तब से जिन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है ये सभी व्यक्ति महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा या दिल्ली से आए हैं।उत्तराखंड में भी जैसे-जैसे प्रवासी लौट रहे हैं यहां भी कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार