काम के आधार पर हो सरकार का आकलन : वसुंधरा राजे

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने राज्य सरकार द्वारा कराए गए विकास का बखान करते हुए कहा है कि किसी भी सरकार का आकलन उसके काम के आधार पर होना चाहिए।

राजे मंगलवार को प्रदेश में हुए विकास कार्यों एवं कल्याणकारी बजट घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त करने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी सरकार ने विकास के वो काम किए जो पचास साल में नहीं हो पाए।

उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र और अन्य किसी भेदभाव के बिना प्रदेश के हर हिस्से एवं वर्ग का समग्र विकास करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को अग्रणी बनाने की हरसम्भव कोशिश की है और उसी का नतीजा है कि आज राजस्थान देश में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।

उन्होंने गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए अभी से बेहतर प्रबंधन करने की जरुरत बताते हुए कहा कि इससे यह साबित करना होगा कि पानी की कमी वाला राज्य भी पेयजल आपूर्ति के मामले में मिसाल बन सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर जुटे हैं। सभी को मिलकर यह साबित करना है कि किसी भी परिस्थिति में प्रदेश की सेवा में पीछे नहीं रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान देश का ऐसा राज्य है जहां पानी की सबसे ज्यादा कमी है। इस विषम परिस्थिति के बावजूद हमारे जलदाय विभाग के कर्मचारियों ने रात-दिन काम कर पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए हमें अभी से बेहतर प्रबंधन करना होगा और यह साबित करना होगा कि पानी की कमी वाला राज्य भी पेयजल आपूर्ति के मामले में मिसाल बन सकता है।

राजे मुख्यमंत्री निवास पर बड़ी संख्या में आए जलदाय विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को सम्बोधित कर रही थीं। राजस्थान पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ के संरक्षक  महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के सभी जिलों से आए इन तकनीकी कर्मचारियों ने कार्य प्रभारित कर्मचारियों के पदनाम परिवर्तन तथा योग्यताधारी अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त तकनीकी कर्मचारियों को स्टोर मुंशी बनाने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इन कर्मचारियों ने कहा कि 40 साल पुरानी उनकी पीड़ा को मुख्यमंत्री ने समझा और उनकी मांग पूरी की। इससे प्रदेश के हजारों तकनीकी कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 10 लाख राज्य कर्मचारियों को मैंने अपना परिवार माना है। राज्य कर्मचारी प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर जुटे हैं। हम सभी को मिलकर यह साबित करना है कि किसी भी परिस्थिति में हम प्रदेश की सेवा में पीछे नहीं रहेंगे।

इस अवसर पर राजस्थान पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष विजय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ की सभी जिला शाखाओं के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का चुनरी ओढ़ाकर और मालाएं पहनाकर आभार व्यक्त किया।

चार साल में हुआ गंगापुर सिटी का कायाकल्प

मुख्यमंत्री से विधायक मानसिंह गुर्जर के नेतृत्व में गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र से आए सर्व समाज के लोगों ने मुलाकात की। लोगों ने गंगापुर सिटी में एडीएम कार्यालय, सीवर लाइन, गंगापुर सिटी में चम्बल का पानी लाने, धुंधेश्वर धाम के जीर्णोद्धार, गंगापुर सिटी को एलईडी लाइटिंग सहित कई सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

श्रीमती राजे ने इस अवसर पर कहा कि सुराज संकल्प यात्रा के समय गंगापुर सिटी की स्थिति देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ था। लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के सहयोग से भरपूर विकास करवाकर यहां का कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने यहां की कुशाल लेक को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 21 करोड़ रुपए दिए हैं।

कमिटमेंट से मजबूत हुआ सहकारी और डेयरी क्षेत्र

प्रदेश के अजमेर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर एवं अलवर सहित विभिन्न जिलों से आए डेयरी संघों एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने सहकारिता एवं डेयरी के क्षेत्र में विगत चार वर्षों में हुए अभूतपूर्व कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजे के कमिटमेंट और दूरदर्शी विजन से प्रदेश का सहकारी एवं डेयरी क्षेत्र काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी एवं सहकारी क्षेत्र एक बड़ा और मजबूत संगठन है, जो हमें अकाल और अन्य विपदाओं से लड़ने की शक्ति देता है। इसके और विस्तार के साथ-साथ विपणन तंत्र को भी बेहतर बनाने की आवश्यकता है ताकि हमारे किसान एवं पशुपालक और सशक्त हों। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में गुजरात के बनासकांठा में हो रहे काम को देखें और उसके अनुरूप प्रदेश में भी डेयरी का विकास करें।

इस अवसर पर अजमेर डेयरी संघ के चैयरमेन रामचंद्र चौधरी, चित्तौड़गढ़ के बद्रीलाल जाट, बांसवाड़ा के रूपेन पाटीदार, अलवर के बन्नाराम मीणा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।