अब निकाह हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Plea in Supreme Court to declare nikah Halala among muslims unconstitutional
Plea in Supreme Court to declare nikah Halala among muslims unconstitutional

नई दिल्ली। एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिदअत) को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद निकाह हलाला और बहुविवाह को असंवैधानिक करार दिए जाने की मांग को लेकर एक याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर की गई है।

पेशे से वकील एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता अश्विनी उपाध्याय ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके कहा गया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) ऐप्लिकेशन ऐक्ट 1937 की धारा-दो को असंवैधानिक घोषित किया जाए, जिसके तहत बहु विवाह और निकाह हलाला को मान्यता मिलती है।

उपाध्याय ने मामले में विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा विधि आयोग को प्रतिवादी बनाया है। याचिकाकर्ता की दलील है कि निकाह हलाला और बहुविवाह संविधान के अनुच्छेद-14 (समानता का अधिकार), 15 (कानून के सामने लिंग आदि के आधार पर समानता का अधिकार) और अनुच्छेद-21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन करता है।

शीर्ष अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसले में तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करते हुए कहा था कि यह धर्म का अभिन्न अंग नहीं है। न्यायालय के समक्ष एक बार में तीन तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला तीनों मुद्दे थे, लेकिन केवल तीन तलाक को ही असंवैधानिक घोषित किया गया था और बाकी मुद्दों पर बाद में विचार करने की बात कही गई थी।