गरीब मजलूूम की दुख तकलीफ का भागीदार होने से मिलता है सुकून : मोदी

pm modi launches various developmental projects in lucknow

लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गरीब, शोषित, वंचित और महिलाओं की दुख तकलीफ का भागीदार बनने से उन्हें गर्व की अनुभूति होती है और वह ‘भागीदार’ की संज्ञा से नवाजे जाने को इल्जाम नहीं बल्कि ईनाम मानते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी योजना की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देशवासियों के जीवन को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने का संकल्प आज तीन साल बाद अधिक मजबूत हुआ है।

अटलजी ने जो बीड़ा उठाया था, उसे नई बुलंदी देने के लिए हमारी सरकार करोड़ों देशवासियों के साथ मिलकर आगे बढ़ रही है। शहरी परिवहन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाली मेट्रो को सबसे पहले दिल्ली में जमीन पर उतारने का काम अटल जी ने किया था।

करीब एक सप्ताह पहले लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर जिसमे उन्हाेंने कहा था कि देश का चौकीदार दरअसल भागीदार है, पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझ पर एक इल्जाम लगा है कि मैं चौकीदार नहीं, भागीदार हूं। मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं।

मुझे गर्व है कि मैं भागीदार हूं गरीबों की तकलीफों का, मैं भागीदार हूं उस मां की पीड़ा का जो चूल्हे के धुएं में आंखें खराब करती है। मैं भागीदार हूं उस किसान के दर्द का जिसकी फसल सूखे या पाले में बर्बाद हो जाती है, मैं भागीदार हूं उस गरीब परिवार की पीड़ा का जो इलाज के लिए जमीन बेचने को मजबूर हो जाता था। मैं भागीदार हूं उस कोशिश का जो गरीबों को छत दे रही है। मैं भागीदार हूं उस कोशिश का जिसने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।

उन्होंने कहा कि गरीबी ने उन्हें ईमानदारी और हिम्मत दी है। उन्होंने गरीबी की मार को करीब से झेला है और उसके दंश को महसूस किया है। मोदी ने गरीबों के दर्द को ‘जेहिके पांव न होय बेवाई सो का जानै पीर पराई-से’ के जुमले से संबोधित करते हुए कहा कि वह गरीब की बेहतरी के लिए, उससे मजबूत छत और साफ पीने के पानी के लिए सोचते हैं। उनकी सरकार देश के गरीब, बेघर के जीवन को बदलते हुए देखना चाहती है।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि आजादी की 75वीं सालगिरह तक देश के हर परिवार के पास अपना खुद का घर हो। इसे पूरा करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में 54 लाख आवासों को मंजूरी दी है जबकि गांवों में एक करोड़ से ज्यादा परिवारों को घर दिलवाए हैं।

योजना के तहत मिलने वाले मकानों में शौचालय और बिजली भी है। यानी एक पूरा पैकेज मिल रहा है। इन घरों के लिए सरकार न सिर्फ ब्याज में राहत दे रही रही है, बल्कि पहले के मुकाबले अब घरों का क्षेत्रफल भी बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में सात हजार करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का काम पूरा हो चुका है। 52 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जो बीड़ा उठाया था, उसे नई बुलंदी देने के लिए हमारी सरकार करोड़ों देशवासियों के साथ मिलकर आगे बढ़ रही है।

लखनऊ में मेट्रो विस्तार का काम चल रहा है। इस व्यवस्था को सबसे पहले दिल्ली में जमीन पर उतारने का काम अटलजी ने किया था। दिल्ली मेट्रो की सफलता आज पूरे देश में दोहराई जा रही है। अटलजी कहते थे बिना पुराने को संवारे नया नहीं संवरेगा। यह बात उन्होंने नए-पुराने लखनऊ के बारे में कही थी। अमृत योजना जिसमें अटलजी का नाम जुड़ा है, उनकी सोच के साथ पुराने शहरों में दशकों पुरानी व्यवस्था को सुधारा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिसंख्य सेवाओं के आनलाइन होने से न सिर्फ लोगों को सुविधा मिली है बल्कि यह भ्रष्टाचार को कम करने में सहायक सिद्ध हुई है। अब सामान्य जन को कतार में खड़ा नहीं होना पड़ता। ये कतारें भी तो भ्रष्टाचार की जड़ थीं। सरकार की प्रतिबद्धता है कि नई पीढ़ी के लिए भविष्य की व्यवस्थाओं का निर्माण हो जहां जीवन पांच ई यानी ईज ऑफ लिविंग, एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट, इकोनॉमी और एंटरटेनमेंट पर आधारित हो।

मोदी ने कहा कि सरकार के लिए स्मार्ट सिटी सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक मिशन है। मिशन टू ट्रांसफॉर्म द नेशन यानी देश को बदलने का एक मिशन। ये मिशन हमारे शहरों को न्यू इंडिया की नई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने का है। 21वीं सदी के भारत में विश्व स्तरीय इंटेलिजेंट अर्बन सेंटर्स खड़ा करने का है। मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि न सिर्फ यहां नई व्यवस्थाओं का निर्माण हो रहा है बल्कि फंडिंग की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में योगी सरकार के आने के बाद केन्द्र की परियोजनाओं को रफ्तार मिली। इससे पहले की सरकार को गरीबों और शोषितों की योजनाओं से कोई सरोकार नहीं था। उन्हें अपने बंगलों की सजावट से फुर्सत नहीं थी।

उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मिंग द लैंडस्केप आफ अर्बन इंडिया का मिशन और लखनऊ का बड़ा नजदीकी रिश्ता है। लखनऊ देश के शहरी जीवन को नई दिशा देने वाले महापुरुष की कर्मभूमि रही है। हमारे प्रेरणास्रोत और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का ये लंबे समय तक संसदीय क्षेत्र रहा है। आजकल उनकी तबीयत ठीक नहीं है लेकिन देश के करोड़ों देशवासी उनके सपनों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इससे पहले मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर 3800 करोड़ रूपए की 99 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने शहरी विकास योजना की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी शहरी विकास, स्वच्छता मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगाई गई थी। प्रदर्शनी में देशभर में चल रहे प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दी गई।

मोदी ने स्मार्ट सिटी और प्रधानमंत्री आवास योजना को रफ्तार देने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगर निकाय और बैंक प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित महिलाओं से वीडियो कांफ्रेसिंग की जिसमें आगरा, लखनऊ समेत कुछ अन्य शहरों की महिलाओं ने सरकार का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि जिन शहरों को पुरस्कार मिले हैं, उनके हर नागरिक को, जिनको घर मिला है, उन परिवारों को मेरी तरह से शुभकामनाएं देता हूं। कानून-व्यवस्था में सुधार पर कहा कि सीसीटीवी की निगरानी की वजह से क्राइम रेट में कमी आई है।