पहले वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र के भवन का शिलान्यास

जामनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के जामनगर में मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद्र जगन्नाथ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस की उपस्थिति में पहले डब्ल्यूएचओ वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र (डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन) के भवन का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, आयुष राज्य मंत्री डा महेंद्र भाई कालूभाई मंजूपारा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।समारोह में कई देशों के राजदूत और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे त्सेरिंग और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने वीडियो संदेश भेजे।

वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र का प्राथमिक उद्देश्य दुनिया भर से पारंपरिक चिकित्सा के लाभों को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करना है। यह पहल भारत के साथ-साथ वैश्विक समुदाय के लिए सस्ती और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित करने में मदद करेगी। आधुनिक विज्ञान, नवाचार और पारंपरिक चिकित्सा को एक साथ लाने से एक स्थायी स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

यह केंद्र साक्ष्य और शिक्षा, डेटा और विश्लेषण, स्थिरता और पूंजी और वैश्विक स्वास्थ्य के लिए पारंपरिक चिकित्सा के योगदान के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और उत्पादों पर नीतियों और मानकों के लिए ठोस साक्ष्य का आधार तैयार करने में भी मदद करेगा।