करतारपुर गलियारे का शनिवार को उद्घाटन करेंगे PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को पंजाब के गुरूदास पुर जिले के डेरा बाबा नानक में करतारपुर गलियारे पर एकीकृत चेक पोस्ट का उद्घाटन करेंगे।

गुरू नानक देव के 550 वें प्रकाशोत्सव वर्ष में भारतीय श्रद्धालुओं के पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए भारत और पाकिस्तान ने एक समझौते के तहत इस गलियारे का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री भारतीय सीमा में इस गलियारे का उद्घाटन कर वहां जाने वाले पहले श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे।

इससे पहले मोदी सुलतानपुर लोदी स्थित गुरूद्वारा बेर साहिब के दर्शन के लिए जाएंगे। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कई अन्य गणमान्य हस्ति शामिल होंगे।

भारत और पाकिस्तान ने इस गलियारे के संबंध में गत 24 अक्टूबर को हस्ताक्षर किए थे। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवम्बर 2018 को गुरू नानक देव की 550वीं जयंती को धूमधाम से मनाने के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था।

सरकार ने करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डेरा बाबा नानक से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारा बनाया है। इस पर 120 करोड़ रूपए की लागत आई है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से आगे गलियारे का निर्माण पाकिस्तान की ओर से किया गया है।

भारत ने अपनी सीमा में गलियारे पर 15 एकड़ में एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल बनाया है। इस टर्मिनल पर हर रोज 5000 यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है।

गलियारे से होकर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी द्वारा निगरानी की व्यवस्था है तथा जन सूचना प्रणाली लगाई गई है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 300 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है।

दोनों देशों ने जो समझौता किया है उसके तहत सभी धर्मों को मानने वाले भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालु गलियारे का उपयोग कर सकते हैं। यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालुओं के पास केवल वैधानिक पासपोर्ट होना चाहिए।

इसके अलावा भारतीय मूल के लोगों के लिए अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड रखना आवश्यक होगा। गलियारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा। सुबह जाने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन वापस लौटना होगा।

केवल अधिसूचित दिनों को छोड़कर गलियारा पूरे साल खुला रहेगा, जिसकी सूचना अग्रिम रूप से दे दी जाएगी। श्रद्धालुओं को अकेले या समूह में अथवा पैदल जाने की छूट होगी। यात्रा तिथि के 10 दिन पहले भारत श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को सौंपेगा। यात्रा तिथि के 4 दिन पहले श्रद्धालुओं को यात्रा की पुष्टि की सूचना प्राप्त हो जाएगी।

पाकिस्तान ने भारत को आश्वासन दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए ‘लंगर’ और ‘प्रसाद’ का पर्याप्त प्रबंध किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक पंजीकरण पोर्टल शुरू किया गया है। यात्रा तिथि से 3 से 4 दिन पहले पंजीकरण की पुष्टि श्रद्धालु को एसएमएस और ई-मेल के जरिये कर दी जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रानिक ट्रेवल ऑथराइजेशन भी तैयार हो जाएगा। श्रद्धालु को पासपोर्ट के साथ ईटीए ले जाना आवश्यक होगा।