पंचक लगने से रुकी है महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर की चिकित्सीय जांच

प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रसिद्ध बाघम्बरी पीठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि का शव बिना पोस्टमार्टम के यहां पीठ में फ्रीजर-पेटी में संरक्षित रखा हुआ है। प्रशासन के लोग उनकी अंत्येष्टि आदि के बारे में कुछ स्पष्ट कहने से अभी परहेज कर रहे हैं।

प्रयागराज जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि शवों के संस्कार के संबंध में संतों की अपनी परंपरा है। वे लोग उस परंपरा को पूरा कर लेंगे, उसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बाघम्बरी गद्दी पर दिवंगत संत को श्रद्धांजलि देने के लिए विशिष्ट लोगों के आने का सिलसिला सुबह से ही बना हुआ था। गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरि सोमवार अपराह्न अपने कक्ष में संदिग्ध परिस्थियों में मृत पाए गए। बताया जा रहा है कि वह पंखे से लटके पाए गए थे और कक्ष में आत्महत्या संबंधी एक पत्र छोड़ा गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कुछ अन्य विशिष्ट लोगों ने मठ में जाकर महंत को श्रद्धांजलि अर्पित की। मठ के एक सूत्र ने कहा कि पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। शव अभी यहीं ठंडी-पेटी में रखा है। अभी पंचक लगा हुआ है। पंचक हटने के बाद ही अंत्येष्टि की जा सकती है।

मठ के एक वासी ने अपना नाम न जाहिर करते हुए कहा कि महंत जी के अंतिम संस्कार के बारे में फैसला संत समाज यहां उपस्थित हो कर करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महंत गिरि के शव का पोस्टमार्टम पांच सदस्यीय एक समिति की निगरानी में होगा।

महंत को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सदस्यीय टीम की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम होगा। निगरानी टीम में एडीजी, मण्डलायुक्त, आईजी और डीआईजी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज पंचक है, इसलिए कल पोस्टमार्टम होगा। पोस्टमार्टम के बाद कल ही समाधि दी जाएगी।

इस बीच, राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना अधिकारी आज से ही सभी चश्मदीदों के बयान दर्ज करने के साथ संदिग्ध मोबाइल फोनों की जांच भी करायेंगे।

इस मामले में सुसाइडनोट के आधार पर कल रात मामला दर्ज करा दिया गया था। पुलिस ने उनके शिष्य समेत कई लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया है।

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