सीबीएसई को निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करें: प्रकाश जावडेकर

Prakash Javedekar calls to CBSE release directions private schools
Prakash Javedekar calls to CBSE release directions private schools

नयी दिल्ली । मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मनमानी फीस और शिक्षकों को निर्धारित वेतन से कम मिलने की शिकायतों को रोकने के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।

जावडेकर ने बुधवार को यहां विज्ञान भवन में बारहवीं की परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 75 छात्रों को गुण गौरव पुरस्कार प्रदान करते हुए यह बात कही। उन्होंने समारोह में केन्द्रीय नवोदय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्रों के अलावा दिव्यांग तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं दलित छात्रों को यह पुरस्कार प्रदान किये। समारोह में स्कूली शिक्षा सचिव रीना रे सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव आर. सी. मीणा और नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त वी. के. सिंह भी उपस्थित थे।

जावडेकर ने निजी स्कूलों की चर्चा करते हुए कहा कि सीबीएसई को चाहिए कि वह इन स्कूलों के लिए भी गाइडलाइन्स जारी करे। स्कूल की दुकान से ही किताब और ड्रेस लेना क्यों अनिवार्य हो। स्कूलों की फीस भी मनमानी न हो। उन्हें फीस बढ़ाने का अधिकार हो, पर महंगाई के हिसाब से उसका प्रतिशत निर्धारित हो।

उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूल भी अपने खर्चे को सार्वजानिक करें और कोई गुप्त राशि छात्रों से न लें। इतना ही नही शिक्षकों को तनख्वाह सीधे उनके बैंक में भेजें। मानव संसाधन विकास मंत्री ने बोर्ड की परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की चर्चा करते हुए कहा कि कौन कहता है कि सरकारी स्कूल अच्छे नहीं होते। नवोदय विद्यालय के नतीजे 99 प्रतिशत रहे तो केन्द्रीय विद्यालय के नतीजे 98 प्रतिशत रहे। नवोदय विद्यालय की प्रवेश परिक्षा के लिए 22 लाख छात्रों ने भाग लिया जबकि सीट 46 हज़ार है। इस तरह 60 में से एक छात्र का दाखिला होता है।

जावडेकर ने कहा कि केवल रट्टा मरकर पढ़ना ही गुण नहीं है, बल्कि समझकर पढ़ना, गायन आदि भी गुण हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में छात्रों को एक घंटा खेल और कसरत पर समय देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों भाई चारा और जीवन के रोजमर्रा के कामों में कौशल प्राप्त करने पर भी जोर दिया।

सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि 1929 में 29 स्कूलों से सीबीएसई का सफ़र शुरू हुआ था और आज देश-विदेश में 22 हज़ार से अधिक स्कूल हैं, 15 लाख अध्यापक हैं और दो करोड़ लोगों का परिवार है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले पांच विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गयीं थी। इनमें नैतिक शिक्षा,शिक्षकों का प्रशिक्षण, खेल, स्वास्थ्य आदि शामिल है। सीबीएसई ने इन पर मैनुएल तैयार किये हैं। उन्हें स्कूलों में लागू किया गया है।

समारोह में बारहवीं की संयुक्त टाॅपर हंसिका शुक्ल और करिश्मा कपूर के अलावा तेरह सेकंड टॉपरों को भी सम्मानित किया। समारोह में जवाहर नवोदय विद्यालय और केन्द्रीय विद्यालय के 5-5 दिल्ली सरकार के आठ छात्रों के अलावा दिव्यांग, दलित, आदिवासी श्रेणी के 9-9 टॉपरों तथा कमजोर वर्ग के 15 छात्रों को भी पुरस्कृत किया।